close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

राजस्थान: कन्यादान करने वाले पिता ने बेटी को दिया नया 'जीवनदान'

स्थानीय दुर्लभ जी अस्पताल में किडनी प्रत्यारोपण करा चुके मरीजों ने अपने अनुभवों को साझा किया.

राजस्थान: कन्यादान करने वाले पिता ने बेटी को दिया नया 'जीवनदान'
जयपुर के दुर्लभ जी अस्पताल में कार्यक्रम के दौरान मौजूद अतिथि.

आशुतोष शर्मा ,जयपुर: जयपुर के दुर्लभ जी अस्पताल में अपनी बेटी का कन्यादान करने वाले पिता ने अपनी किडनी बेटी को दान करके एक नया जीवन दिया है. हरियाणा की रहने वाली राखी की दोनों किडनी डिलेवरी के दौरान फेल हो गई थी. जिसके बाद उसकी किडनी का प्रत्यारोपण(transplant) किया गया था.  

स्थानीय दुर्लभ जी अस्पताल में शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. कार्यक्रम के दौरान किडनी प्रत्यारोपण करा चुके मरीजों ने अपने अनुभवों को यहां मौजूद लोगों से साझा किया. 

कार्यक्रम के दौरान मौजूद राखी के परिवार वालों ने बताया कि जुड़वा बच्चों को जन्म देने के बाद डिलेवरी के दौरान उसकी दोनों किडनियां फेल हो गई थी. जिसके बाद राखी को तुरंत डायलिसिस(dialysis) पर आना पड़ा था. इस दौरान कन्यादान करने वाले राखी के पिता ने अपनी बेटी को अपनी किडनी देकर नया जीवनदान दिया. 

इससे पहले भी कोटा के निवासी विजय का भी यहां सफलतापूर्वक एक दिन अचानक उसके सर में दर्द हुआ, जांच कराने पर पता चला की उसे हाई बीपी है और उसकी दोनों किडनी खराब हो गई थी. जिसके बाद यहां उसका किडनी का प्रत्यारोपण हुआ था. 

कार्यक्रम के दौरान अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. एसके पारीक ने बताया कि नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, एनेस्थिसिया और नर्सिंग की अनुभवी टीम के साथ इस तरह की कई जटिल मेडिकल केस को भी उन्होंने सुलझाया है. इस दौरान यूरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. डीएन कल्ला ने बताया कि अस्पताल में सात महीने के अंतराल में 11 ट्रांसप्लांट किए जा चुके हैं.

आपको बता दें कि, पूरे देश में करीब 2 लाख लोग किडनी ट्रांसप्लांट के इंतजार में हैं. लेकिन इनमें सिर्फ पांच से 10 हजार मरीजों को ही किडनी मिल पाती है. अंगदान के प्रति लोगों में जागरूकता फैले, इसके लिए भी अस्पताल द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है.