गहलोत सरकार जारी करे नोटिफिकेशन नहीं तो राष्ट्रीय स्तर पर होगा आंदोलन: गुर्जर समाज

जयपुर में गुर्जर समाज की हुई प्रेस वार्ता में गुर्जर समाज ने सरकार को चेतावनी दी कि कांग्रेस सरकार आरक्षण का वादा निभाना पडे़गा, वरना आंदोलन को और तेज किया जाएगा

गहलोत सरकार जारी करे नोटिफिकेशन नहीं तो राष्ट्रीय स्तर पर होगा आंदोलन: गुर्जर समाज
आंदोलन से कई जिलों में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है

आशीष चौहान/जयपुर: गुर्जर आंदोलन से गहलोत सरकार के बाद अब दूसरे राज्य की सरकारों की मुश्किले बढ़ सकती है. राजस्थान में उठी गुर्जर आरक्षण की आग अब राष्ट्रीय रूप लेने जा रहा है. गुर्जर समाज से जुडे विभिन्न संगठनों ने सरकार को चेतावनी दी है कि तीन दिन के भीतर गुर्जर समाज को 5 फीसदी आरक्षण नहीं दिया गया तो आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर होगा. जगह-जगह राजमार्ग रोककर आंदोलन को और तेज किया जाएगा. 

जयपुर में गुर्जर समाज की हुई प्रेस वार्ता में संयुक्त संगठनों ने सरकार को चेतावनी दी है कि जिस तरह आरक्षण का वादा कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने से पहले किया था,उसी तरह आरक्षण का वादा सरकार निभाए. यदि केंद्र को प्रस्ताव भेजना है तो वह भी राज्य सरकार ही भिजवाए.

पथिक सेना संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शंकर सिंह गुर्जर का कहना है कि 'तीन दिन में सरकार हमारी मांगे माने, नहीं तो आंदोलन राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच जाएगा. उनका कहना है गुर्जर आंदोलन का असर दूसरे राज्यों पर भी पडेगा. अब गुर्जर आंदोलन राजस्थान स्तर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दूसरे राज्यों में भी आंदोलन होगा. रेल की पटरियां रोकी जाएगी, राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किए जाएंगे.' 

इसके साथ-साथ उनका ये भी कहना है कि 'कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले 5 फीसदी आरक्षण का वादा किया था,लेकिन अब सत्ता में आई तो गेंद केंद्र के पाले में डाल दी. अब उसी सरकार हम आरक्षण की मांग कर रहे है, जिस सरकार ने हमसे वोट लिए. वोट लेने के बाद सरकार अपना वादा भूल चुकी है, ऐसे में आंदोलन बहुत जरूरी है. इसलिए यदि तीन दिन के भीतर सरकार ने 5 दिनों का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया तो प्रदेश ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन किया जाएगा.

फिलहाल राजस्थान में गुर्जर आंदोलन का असर सवाईमाधोपुर, भरतपुर, दौसा, करौली में देखा जा रहा है. इसके साथ साथ आंदोलन लगातार गति पकडता जा रहा है. जिससे कई जिलों में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है. कई रेले रद्द हो चुकी है, रास्ते जाम हो चुके है. इसके साथ-साथ सब्जी और दूध की सप्लाई भी बाधित हो रही है .ऐसे में आंदोलन समय रहते नहीं रूका तो आने वाले दिनों में और भी परेशानी हो सकती है.