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अलवर गैंग रेप मामले पर गुलाबचंद कटारिया का बयान- 'इस्तीफा दें सीएम गहलोत'

बीजेपी की मानें तो अलवर गैंग रेप मामले को चुनाव तक दबाए रखने में सरकार सफल रही हो लेकिन मामले के उजागर होने के बाद विपक्ष पूरी तरह से एक्शन में है.

अलवर गैंग रेप मामले पर गुलाबचंद कटारिया का बयान- 'इस्तीफा दें सीएम गहलोत'
कटारिया ने कहा कि सबसे अधिक अपराध तो सूबे के मुखिया के गृह क्षेत्र जोधरुर में बढ़ा है

अविनाश जगनावत/उदयपुर: अलरव गैंग रेप मामले और प्रदेश की बीगडी कानून व्यवस्था के मुद्धे पर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द कटारिया आज उदयपुर में मीडिया से रूबरू हुए. इस दौरान उन्होने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर जम कर हमला बोला और नेनिकता के आधार पर सीएम से इस्तिफा देने की मांग की. 

अलवर गैंग रेप की घटना के बाद विपक्ष सरकार को पूरी तरह से घेरने के मूड में है और इस मुद्दे पर वो सरकार को बैक फुट पर करने की फिराक में हैं. इस को लेकर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द कटारिया आज अपने गृह क्षेत्र उदयपुर में पत्रकारों से मुखातिब हुए. इस दौरान उन्होने अलवर गैंग रेप को प्रदेश में लोकसभा चुनाव तक दबाए रखने पर सरकार पर जम के निशाना साधा.

उन्होने कहा कि वे इस तरह का कृत्य बिना किसी राजनैतिक दबाव के नहीं किया जा सकता है और कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक नुकसान नहीं हो इसके लिए इस मामले को 6 मई तक दबाए रखा. उन्होने कहा कि सूबे के मुखिया के पास ही गृह मंत्रालय है. ऐसे में उन्हे नैतिकता के आधार पर अपना इस्तिफा दे देना चाहिए नहीं तो 23 मई को जनता खुद उनसे इस्तिफा ले लेगी.

कटारिया यही नहीं रूके उन्होने मीडिया के सामने नई सरकार के कार्यकाल के दौरान बढ़े आपराधिक मामलों के आंकडे भी पेश किए. उन्होने कहा कि पिछले चार से पांच महिनों मं प्रदेश में गंभीर अपराधों के मामले में 30 से 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई जो प्रदेश की खस्ताहाल कानून व्यवस्था को बयान कर रही है. कटारिया ने कहा कि इस दौरान सबसे अधिक अपराध तो सूबे के मुखिया के गृह क्षेत्र जोधरुर में बढ़ा है और दूसरे नम्बर पर राजधानी जयपुर है. 

इस दौरान कटारिया ने कहा कि सीएम ने अलवर मामले पर अपनी चूप्पी तोड़ते हुए जो बयान दिया उसकी वो निंदा करते है. साथ ही उन्होने कहा कि महज एसपी और धानाधिकारियों को एपीओ करने की कार्रवाई से यह मामला खत्म नहीं हो सकता है और इस मामले को दबाने के लिए पुलिस पर दबाव बनाने वालों की भूमिका को भी चिन्हित किया जाना चाहिए. 

विपक्षी पार्टी बीजेपी की मानें तो अलवर गैंग रेप मामले को चुनाव तक दबाए रखने में सरकार सफल रही हो लेकिन मामले के उजागर होने के बाद विपक्ष पूरी तरह से एक्शन में है. वह जल्दी इस मुद्दे को शान्त नहीं होने देना चाह रहे है. जिससे आने वाले समय में सरकार पर ओर अधिक हमलावर रूख इख्तियार कर सकें.