कोटा: रणवीर हत्याकांड में नाम आने के बाद PWD ठेकेदार यूनियन के 15 लोग अंडरग्राउड

कोटा पीडब्ल्यूडी ऑफिस परिसर के कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन कार्यालय में हमेशा सैकड़ों ठेकेदारों के जमावड़ा रहता था क्योंकि ये वही जगह है, जहां से कभी शिवराज की गैंग संचालित होती थी.

कोटा: रणवीर हत्याकांड में नाम आने के बाद PWD ठेकेदार यूनियन के 15 लोग अंडरग्राउड
गैंग से ताल्लुकात रखने वाले सभी ठेकेदार भूमिगत हो गए.

केके शर्मा, कोटा: रणवीर हत्याकांड में नाम आने के बाद पीडब्ल्यूडी ठेकेदार यूनियन में गैंगस्टर शिवराज के 15 साथी ठेकेदार अंडर ग्राउंड हो गए हैं. कोटा पीडब्ल्यूडी ऑफिस परिसर के कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन कार्यालय में हमेशा सैकड़ों ठेकेदारों के जमावड़ा रहता था क्योंकि ये वही जगह है, जहां से कभी शिवराज की गैंग संचालित होती थी. इसका प्रमाण है दफ्तर में लगी ये नेम प्लेट, जिसमें आज भी शिवराज हाड़ा महासचिव लिखा हुआ है.

आतंक का पर्याय बन चुके शिवराज गैंगस्टर के गुर्गे पीडब्ल्यूडी के ठेकों में रसूख और अपने रुतबे का खेल इसी दफ्तर से चलाते थे. यहीं से ये तय होता था कि शिवराज के गुर्गे जिस पर हाथ रखेंगे, पीडब्ल्यूडी के ठेके उसे ही मिलेंगे.
जानकारों के मुताबिक, अजय हाड़ा उर्फ अज्जू, पीर मोहम्मद उर्फ पीरू, हारून और टिंकू का अक्सर यहां आना-जाना होता था. साथ ही 10 से 15 अन्य बदमाशों का यहां जमावड़ा होता था लेकिन रविवार को जब रणवीर की गोलियों से भून कर सनसनीखेज हत्या हुई तो घटना के अगले दिन ही हत्याकांड में मुख्य किरदार के रूप में शिवराज गैंग का नाम सामने आया.

इसके बाद गैंग से ताल्लुकात रखने वाले सभी ठेकेदार भूमिगत हो गए. हालांकि पुलिस इन सबके ठिकानों पर दबिश दे चुकी है और बेरंग लौटी है लेकिन कहीं न कहीं शिवराज गैंग के नजदीकी संबंध रखनेवाले ठेकेदारों को गिरफ्तारी का भय सता रहा है.

आपको बता दें कि गैंगस्टर शिवराज सिंह हाड़ा पहले इसी पीडब्ल्यूडी का रजिस्टर्ड ठेकेदार हुआ करता था लेकिन साल 2009 में जब झालावाड़ के कुख्यात गैंगस्टर भानु ने शिवराज के भाई बृजराज उर्फ बबलू की हत्या की तो शिवराज ने अपने भाई की मौत का बदला लेने के लिए अप्रैल 2011 में उदयपुर जेल से कोटा कोर्ट में पेशी पर लाए जाने के दौरान बिजौलिया के पास  अपने साथियों अजय हाड़ा उर्फ अज्जू, पीर मोहम्मद उर्फ पीरू, हरेंद्र, अजय के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी तभी से शिवराज सलाखों के पीछे से अपने गुर्गों के जरिये गैंग को चला रहा है. 

पिछले 9 सालों से ये गैंग निष्क्रिय नजर आ रही थी लेकिन हाल ही में हुए कुछ घटनाक्रमों जैसे जमीनी विवाद के मामलों में आमने सामने होने के साथ ही भानु हत्याकांड केस के गवाहों से पहले रणवीर लगातार संपर्क कर रहा था तभी से शिवराज गैंग के गुर्गों की आंखों में रणवीर खटक रहा था. उन्हें अपने वर्चस्व की चिंता सताने लगी और संभवत तभी बदमाशों ने रणवीर को अपने रास्ते से हटाने की साजिश रची.

अपनी योजना के मुताबिक रविवार को जब रणवीर अपनी गाड़ी से झलावाद जाने के लिए निकला तो उसके एक साथी विक्रम ने उसे श्रीनाथपुराम स्टेडियम के बाहर मिलने के लिए बुलाया और तभी शिवराज गैंग को ऑपरेट करने वाले गुर्गे अजय हाड़ा उर्फ अज्जू, पीर मोहम्मद उर्फ पीरू, टिंकू और हारून ने रणवीर पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें रणवीर को कुल 15 गोलियां लगी लेकिन सिर में लगी 5 गोलियों ने उसके सिर के परखच्चे उड़ा दिए औऱ रणवीर की मौके पर मौत हो गई. रणवीर के हत्यारे भी जल्द पुलिस की गिरफ्त में होंगे.