राजस्थान: आयकर विभाग ने की बड़ी कार्रवाई, 21 बीघा बेनामी जमीन की अटैच

सिरोही जिले की आबू रोड तहसील के मोरडू गांव में आदर्श ग्रुप के वीरेन्द्र मोदी के द्वारा खरीदी जमीन को बेनामी संपत्ति माना गया है. 

राजस्थान: आयकर विभाग ने की बड़ी कार्रवाई, 21 बीघा बेनामी जमीन की अटैच
बेनामी निषेध यूनिट ने शुक्रवार को एक बड़ी कार्यवाही की है.

जयपुर: आयकर विभाग, राजस्थान की बेनामी निषेध यूनिट ने शुक्रवार को एक बड़ी कार्यवाही की है. जिसमें सिरोही जिले की आबू रोड तहसील के मोरडू गांव में आदर्श ग्रुप के वीरेन्द्र मोदी के द्वारा खसाराम मीणा के नाम से खरीदी जमीन को बेनामी संपत्ति माना गया है. करीब 21 बीघा की कुल 10 संपत्तियों बेनामी संपत्ति संव्यवहार निषेध अधिनियम, 1988 के प्रावधानों के तहत प्रोविजनल रूप से अटैच कर दिया है.

आपको बता दें कि, आयकर विभाग की अन्वेषण शाखा के द्वारा जून 2018 में आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी ग्रुप के विभिन्न प्रतिष्ठानों पर सर्च की कार्यवाही की गयी थी. जिसमें दौरान जब्त दस्तावेजों से विभाग को वीरेन्द्र मोदी के द्वारा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों के नामों का इस्तेमाल करते हुए बड़े पैमाने पर संपत्तियां खरीदने की जानकारी मिली थी. अन्वेषण शाखा के द्वारा बेनामी संपत्तियों की जांच के लिए प्रकरण बेनामी निषेध यूनिट को भेजा गया. 

10 करोड़ की जमीन बेनामी 

बेनामी निषेध यूनिट ने अपनी जांच में पाया कि खसाराम मीणा के नाम से अप्रैल 2013 में 10 विभिन्न विक्रय पत्रों के द्वारा कुल करीब 21 बीघा जमीनें वीरेन्द्र मोदी के द्वारा खरीदी गई. क्योंकि खसाराम मीणा वीरेन्द्र मोदी के भाई भरत मोदी के फार्म हाउस पर काम करता है. 

जिसके लिए खसाराम मीणा के बैंक खाते में वीरेन्द्र मोदी ने अपनी कंपनियों से पैसा ट्रान्सफर किया और आगे विक्रेताओं को भुगतान किये गए. इसके बाद इन जमीनों के रूपांतरण के लिए पत्रावली खसाराम मीणा के नाम से नगर सुधार न्यास, आबू रोड में लगायी गयी.

सरकार से MOU कर खुर्दबुर्द की थी तैयारी

वीरेन्द्र मोदी की कम्पनी आदर्श प्राइम बिल्ड एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड ने नवम्बर 2015 में रिसर्जेंट राजस्थान के दौरान राजस्थान सरकार के नगरीय विकास विभाग के साथ एक बड़ा एम ओ यू भी किया था और उनका इरादा खसाराम मीणा के नाम से खरीदी गयी इन बेनामी जमीनों का नगर सुधार न्यास, आबू रोड से रूपांतरण करवाकर उस एम ओ यू के तहत उपयोग करना था. 

बेनामी निषेध यूनिट की जांच में प्रारंभिक तौर पर यह सामने आया कि खसाराम मीणा की हैसियत इतना बड़ा निवेश करने की नहीं है और उसके नाम का उपयोग करके वीरेन्द्र मोदी ने ये जमीनें खरीदीं और इस प्रकार से बेनामी संपत्ति संव्यवहार निषेध अधिनियम, 1988 के प्रावधानों का उल्लंघन किया.

इस प्रारंभिक जांच के बाद बेनामी निषेध यूनिट ने आज इन 21 बीघा जमीनों को प्रोविजनल रूप से अटैच कर दिया है जिनका बाजार मूल्य करीब 10 करोड़ रूपए है. बेनामी संपत्तियों के इन प्रोविजनल अटैचमेंट्स के साथ ही आयकर विभाग राजस्थान की बेनामी निषेध यूनिट अब तक कुल 362 बेनामी संपत्तियां अटैच कर चुकी है. जिनका कुल बाजार मूल्य करीब 1160 करोड़ रूपए है. इन 362 प्रोविजनल अटैचमेंट्स में से नई दिल्ली स्थित अथौरिटी ने अब तक 55 संपत्तियों को बेनामी मानते हुए उनके अटैचमेंट्स कन्फर्म भी कर चुकी है.

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