राजस्थान विधानसभा में फिर उठा योजनाओं के नाम को बदलने का मुद्दा

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मुद्दे पर कहा, पिछले 5 साल में राज्य और केंद्र सरकार ने केवल नाम बदलने की राजनीति की है.

राजस्थान विधानसभा में फिर उठा योजनाओं के नाम को बदलने का मुद्दा
सरकार ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं. (फाइल फोटो)

जयपुर: राजस्थान में राजीव सेवा केंद्रों के नाम बीजेपी सरकार के कार्यकाल में बदलकर अटल सेवा किए जाने का मुद्दा सोमवार को विधानसभा में फिर से गरमा गया. सिरोही से निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा ने अटल सेवा केंद्र का नाम फिर से राजीव गांधी किए जाने की मांग की. संयम लोढ़ा लंबे समय से कांग्रेस से जुड़े हुए थे लेकिन इस बार कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय चुनाव जीत कर आए हैं. 

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मुद्दे पर कहा, पिछले 5 साल में राज्य और केंद्र सरकार ने केवल नाम बदलने की राजनीति की है. देश के महान नेता राजीव गांधी जिन्हें भारत रत्न मिला हुआ है के नाम पर रखी गई थी पर केंद्र ने इसका नाम बदलने में जरा भी संकोच नहीं किया. कांग्रेस सरकार की मंशा थी इन केंद्रों का नाम राजीव गांधी अटल सेवा केंद्र रखा जाए ताकि दूसरे भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई का नाम भी इससे जुड़ा रहे लेकिन कानून में इसका प्रावधान नहीं है क्योंकि भारत सरकार की तरफ से नोटिफिकेशन में राजीव गांधी सेवा केंद्र नाम है लिहाजा इसका नाम फिर से राजीव गांधी के नाम पर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. सरकार ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं.

केवल अटल सेवा केंद्र ही नहीं बल्कि ऐसी कई योजनाएं हैं जिनके नाम पिछली सरकार में बदल दिए गए थे. उनकी समीक्षा की जा रही है इन नामों के अलावा कांग्रेस सरकार की मंशा है कि भाजपा सरकार में जो पाठ्यक्रम में बदलाव हुआ है उसे भी समीक्षा के दायरे में लाया जाए. जाहिर है नाम बदलने की सियासत को लेकर आने वाले दिनों में भी सत्र में हंगामा होने की पूरी संभावना है.