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जयपुर: पृथ्वीराज नगर योजना को लेकर बड़ा निर्णय कर सकती गहलोत सरकार

सरकार पृथ्वीराज नगर विकास योजना में बदलाव कर सकती है. अगर ऐसा होता है तो पिछली सरकार के फैसले को बदला जाएगा. पृथ्वीराज नगर में नियमन दरो और शर्तों मे बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. 

जयपुर: पृथ्वीराज नगर योजना को लेकर बड़ा निर्णय कर सकती गहलोत सरकार
राज्य सरकार पीआरएन को लेकर भी बड़ा फैसला कर सकती है.

रोशन शर्मा/जयपुर: प्रदेश के जयपुर विकास प्राधिकरण की आर्थिक तंगी दूर करने के लिए राज्य सरकार जल्द ही पृथ्वीराज नगर योजना में कोई बड़ा निर्णय कर सकती है. जिसको लेकर कांग्रेस अब बीजेपी सरकार के फैसले को अब बदलने की तैयारी हो रही है.

बता दें कि पृथ्वीराज नगर का विकास राजधानी की सियासत का अखाड़ा बन गया है. अब जेडीए की आर्थिक तंगी दूर करने की गेंद सरकार के पाले में है. सरकार पृथ्वीराज नगर विकास योजना में बदलाव कर सकती है. अगर ऐसा होता है तो पिछली सरकार के फैसले को बदला जाएगा. पृथ्वीराज नगर में नियमन दरो और शर्तों मे बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. 

वहीं अब 1 हज़ार वर्ग गज से बडे भूखंड का नियमन करने पर विचार किया जा रहा है. इसके अलावा पृथ्वीराज नगर से सटी 1848 बीघा जमीन को इसका हिस्सा मान कर इसके नियमन का फैसला ले सकती है, हालांकि जेडीए किसी भी तरह का फैसला करने से पहले सरकार के सलाह मांग रहा है.

यहां तक कि राज्य सरकार पीआरएन को लेकर बड़ा फैसला कर सकती है. अब पीआरएन में 2 हजार वर्गगज तक के पट्टे जारी हो सकते है. इसके अलावा विवाह स्थल नियमन नीति भी जारी हो सकती है और नियमन की दरों में भी बदलाव हो सकता है. नई दरों के मुताबिक 201 वर्गगज से 2000 वर्गगज तक नियमन दर 2 हजार रूपए हो सकती है. 

वहीं 2 हजार वर्ग गज से ऊपर नियमन दर 3000 हजार रूपए वर्गगज की जा सकती है. इसके अलावा जेडीए ने कॉमर्शियल पट्टों के लिए भी सरकार से मार्गदर्शन मांगा है. सूत्रों के मुताबिक कॉमर्शियल पट्टे की नियमन दर 2500 रूपए प्रति वर्गगज हो सकती है. 

वसुंधरा सरकार ने पृथ्वीराज नगर आवास योजना में नए सिरे से नियमन कैंप लगाने की शुरूआत की थी, लेकिन सरकार बदलने के साथ ही नियमन का मामला ठंडे बस्ते में चला गया, लेकिन सरकार बने 8 महीने होने के बावजूद काम शुरू नहीं हो पाया. ऐसे में लोग इस उम्मीद में है कि राज्य सराकर जल्द ही इस पर कोई बड़ा फैसला ले और यहां के लोगों को राहत दे.