जयपुर: सरकार बदलते ही पिछले फैसलों को बदलने की परंपरा गलत- वसुंधरा राजे

नई सरकार ने आते ही उसे फिर से पधारो म्हारे देस कर दिया. राजे ने कहा कि पधारो म्हारे देस तो हमारी विरासत है ही लेकिन हमें उससे आगे बढ़ कर सोचना चाहिए. 

जयपुर: सरकार बदलते ही पिछले फैसलों को बदलने की परंपरा गलत- वसुंधरा राजे
फाइल फोटो

जयपुर: राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का कहना है कि सरकार बदलते ही पिछली सरकार के फैसलों को बदलना गलत परम्परा है. होना यह चाहिए कि हम पिछली सरकार के अच्छे फैसलों को आगे बढाएं. जयपुर लिटरेचर फेस्व्टिवल में केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की किताब डिल्यूजनल पॉलिटिक्स का विमोचन करते हुए राजे ने कहा कि हमारी सरकार ने राजस्थान में पर्यटन को बढ़ाने के लिए किलों और हवेलियों से आगे बढ़ते हुए जाने क्या दिख जाए का कैम्पेनन शुरू किया था. 

नई सरकार ने आते ही उसे फिर से पधारो म्हारे देस कर दिया. राजे ने कहा कि पधारो म्हारे देस तो हमारी विरासत है ही लेकिन हमें उससे आगे बढ़ कर सोचना चाहिए. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सही ढंग से सोचने वाली कोई भी सरकार नफरत की राजनीति को प्रोत्साहित नहीं कर सकती. केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी कहा कि हमारी सरकार ने पिछली सरकारों के आधर कार्ड और जीएसटी जैसे निर्णयो को आगे बढ़ाया है और यह हर सरकार को करना चाहिए. 

अपनी किताब के बारे में पुरी ने कहा कि यह किताब दुनिया भर की सरकारों और नेताओं के उन निर्णयों के बारे में है जो उन्हें पता था कि सही साबित नहीं होंगे, लेकिन फिर भी किए गए और इससे बहुत बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए. इसी सत्र में नीति आयेाग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने कहा कि भारत को अपनी विकास दर 9-10 प्रतिशत पर स्थिर रखने के लिए 10-12 ऐसे राज्य चाहिए जो 12 प्रतिशत की आर्थिक विकास दर पर काम करें. उन्होने कहा कि हमें वैश्विक बाजार में खप सकने वाला उत्पादन करने पर जोर देना चाहिए.