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Rajasthan Animal Husbandry Diploma Institute News: राजस्थान में पशुपालन डिप्लोमा कोर्स चलाने को लेकर अच्छी खबर है. राज्य सरकार द्वारा अब नए पशुपालन डिप्लोमा संस्थानों को शुरू करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है. प्रदेश में पिछले 4 साल से नए संस्थानों को एनओसी जारी करने पर रोक लगी हुई थी.
क्या है नई नीति, कैसे जारी होगी एनओसी
राज्य सरकार ने पशुपालन डिप्लोमा संस्थान की स्थापना/संचालन हेतु विभागीय नीति जारी की है. हालांकि यह नीति वर्ष 2022 में बना ली गई थी, लेकिन इसे लागू करने में तत्कालीन कांग्रेस सरकार विफल रही थी. अब मौजूदा भाजपा सरकार ने नीति को लागू करते हुए पशुपालन डिप्लोमा संस्थानों को एनओसी जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
दरअसल पशुपालन डिप्लोमा संस्थानों को मान्यता तो राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय बीकानेर से जारी की जाती है. लेकिन इससे पहले इन संस्थानों को राज्य सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी एनओसी लेना जरूरी होता है. प्रदेश में अभी 81 संस्थानों द्वारा 2 वर्षीय पशुपालन डिप्लोमा कोर्स का संचालन किया जा रहा है. जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और कोटा में कुल 4 राजकीय क्षेत्र के प्रशिक्षण संस्थान संचालित हैं.
राजकीय और निजी क्षेत्र के इन डिप्लोमा संस्थानाें से प्रदेशभर में 2 वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम में हर वर्ष करीब 5 हजार पैरा वैट उत्तीर्ण होते हैं. अब इस सेक्टर में और अधिक विद्यार्थियों को पढ़ाई के अवसर प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने नए संस्थानों को कोर्स शुरू करने के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू की है.
पशुपालन विभाग द्वारा जारी इस नीति में कहा गया है कि पशुपालन डिप्लोमा संचालित करने वाले संस्थानों को संचालन के लिए जमीन और अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर के जरूरी मानक पूरे करने होंगे. जो भी संस्था एनओसी के लिए आवेदन करेंगे, उनके आवेदकों की विस्तृत समीक्षा विभाग द्वारा गठित स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा की जाएगी.
स्क्रीनिंग कमेटी की रिपोर्ट पर राज्य सरकार द्वारा निरीक्षण दल बनाए जाएंगे. इस दल में राजूवास बीकानेर के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. दल की निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर ही संस्थानों को एनओसी दी जाएगी. 24 जून से संस्थाएं आवेदन कर सकेंगी, आवेदन 23 जुलाई तक लिए जाएंगे, इसके बाद नए संस्थानों को एनओसी दी जाएगी.