)
Jaipur News: राजस्थान में भाजपा लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कारणों की समीक्षा में जुटी है. वहीं दूसरी ओर नागौर से चुनाव लड़ी ज्योति मिर्धा और आरएलपी के नेता हनुमान बेनीवाल के बीच जुबानी जंग जारी है. नागौर से भाजपा प्रत्याशी रही ज्योति मिर्धा ने आरएलपी सुप्रीमो और नागौर से सासंद हनुमान बेनीवाल को एक बार फिर चुनौती दी. मिर्धा ने कहा कि हनुमान गुढकने चलना बंद करें, अब तक घालमेल और बैसाखियों की राजनीति करते आए हैं, दम है तो अकेले चुनाव लड़ के दिखाए.
प्रदेश भाजपा कार्यालय में हार की समीक्षा बैठक के बाद ज्योति मिर्धा ने कहा कि इस तरह की बैठक होनी चाहिए , बैठक में चर्चा होती है तो खामियों का पता लगता है और भविष्य में उन गलतियों की पुनरावृत्ति न हो उसका निर्णय लिया जाता है. मिर्धा ने कहा कि आने वाले समय में उपचुनाव होंगे, लोकसभा चुनाव में जो गलतियां हुई है वह सुधारने की जरूरत है ताकि आगे उसका लाभ मिल सके. उन्होंने कहा कि भाजपा में अच्छी बात है कि यहां पर अच्छे बुरे सभी परिणामों पर चर्चा होती है, मंथन होता है और उनमें सुधार करने का प्रयास किया जाता है.
हनुमान बेनीवाल को लेकर ज्योति मिर्धा ने कहा कि बेनीवाल पुराने समय से घालमेल की राजनीति करते हैं गुढकने चलने की उनकी पुरानी आदत है. पहले बीजेपी के साथ में चुनाव लड़े और अशोक गहलोत के चरणों में जाकर बैठ गए थे, अब कांग्रेस के साथ मिल कर चुनाव लड़े और अब भी कोशिश कर रहे हैं कि किसी तरह भाजपा के चरणों में आ जाए. बेनीवाल को लग रहा है कि उनकी दुकान का शटर डाउन हो रहा है, इस लिए घबराहट मची हुई है, लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि भारतीय जनता पार्टी की ओर से उनका कोई समर्थन नहीं मिलेगा.
मिर्धा ने कहा आगे क्या होगा उसको लेकर कुछ कह नही सकती, लेकिन हनुमान बेनीवाल हमेशा चैलेंज करते हैं कि में अकेला चुनाव लड़ता हूं, मेने पार्टी बनाई. तो इस बार मैं भी कहती हूं बेनीवाल अकेले आकर चुनाव लड़े . हमेशा घालमेल की राजनीति करते हैं, बैसाखियों के साथ चलते हैं, दम है तो अकेले चुनाव लड़ के दिखाए.
वहीं, खींवसर से उपचुनाव लड़ने की चर्चाओं पर मिर्धा ने कहा कि इस बैठक में उसे विषय पर कोई चर्चा नहीं हुई. आगे पार्टी का जो पार्टी निर्णय लेगी उसी के अनुसार काम करना है, लेकिन यह तय मान कर के चलिए की इस बार के उप चुनाव में भारतीय जनता पार्टी निश्चित रूप से जीत दर्ज करेगी.
400 का नारा अहंकार नहीं था
पीएम मोदी के 400 पार नारे को लेकर मिर्धा ने कहा कि ये नार कोई अहंकार का नहीं था, ये तो देश को एक नई दिशा देना चाहते थे, इसलिए देश की जनता से समर्थन मांग रहे थे. मुझे खुशी है कि नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं मुझे पूरा विश्वास है कि भारत उनके नेतृत्व में नई ऊंचाइयों को छुएगा. आरएसएस और इंद्रेश कुमार के बयान को लेकर मिर्धा ने कहा कि इस बयान पर उनका खंडन आया है. व्यक्ति अगर कोई भी बात बोलता है तो उसे पर मैं कमेंट नहीं करूंगी.