Corona की दूसरी लहर जिम संचालकों और बॉडी बिल्डर्स पर भी पड़ी भारी, छलका दर्द

कई बॉडी बिल्डर्स जिम में ट्रेनर्स के तौर पर भी काम करते हैं तो कई जिम संचालन से भी जुड़े हैं. जब कोरोना की मार से हरेक व्यापार धंधा चौपट हुआ तो जाहिर है, उन जिम संचालकों को भी नुकसान झेलना पड़ा. 

Corona की दूसरी लहर जिम संचालकों और बॉडी बिल्डर्स पर भी पड़ी भारी, छलका दर्द
प्रतीकात्मक तस्वीर.

Jaipur: कोरोना संक्रमण (Corona infection) की मार हर तरफ देखने को मिल रही है. चाहे वो व्यापार हो या रोजगार लेकिन ये मार उन पर भी पड़ी है, जो शरीर सौष्ठव के लिए रोल मॉडल है और उन पर भी जो लोगों को सेहतमंद बनाने के व्यवसाय से भी जुड़े हैं. 

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शरीर को तंदुरुस्त रखने और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए जिम करने और जिमों के संचालन करने वालों के लिए लगातार यह दूसरा साल भी चुनौती भरा जा रहा है. कोरोना महामारी (Corona epidemic) ने बॉडी बिल्डर्स के लिए खुराक से लेकर व्यायाम के लिए मुश्किलें खड़ी की हैं तो वहीं जिम संचालकों के लिए पिछले 2 साल आर्थिक नुकसान के लिहाज से काफी बड़े साबित हुए हैं. 

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रोकनी पड़ी बॉडी बिल्डिंग की प्रस्तावित प्रतियोगिताएं
पिछले डेढ़ साल से कोरोना संक्रमण ने हर काम, धंधे व्यापार और रोजगार को चौपट कर दिया है. खेल खिलाड़ियों पर भी इसका विपरीत असर नजर आया. बॉडी बिल्डिंग खेल से जुड़े बॉडी बिल्डर्स के लिए कोरोना महामारी का वक्त बहुत चुनौती भरा रहा है. संक्रमण की पहली लहर के दौरान हुए लॉकडाउन में भी बॉडी बिल्डरों को पर्याप्त डाइट और व्यायाम नहीं मिल सका. अपने शरीर को मेंटेन रखने के लिए बॉडी बिल्डर हजारों रुपए महीना खुद के शरीर पर ही खर्च करते हैं ताकि वे प्रतियोगिताओं की तैयारी कर सके लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण उनको भी घरों में बंद होकर रहना पड़ रहा है, जिसके चलते आगामी प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा नहीं ले सकें. पिछले साल बॉडी बिल्डिंग की प्रस्तावित प्रतियोगिताएं भी स्थगित करनी पड़ी थी.

जिम संचालकों को भी झेलना पड़ा नुकसान 
कई बॉडी बिल्डर्स जिम में ट्रेनर्स के तौर पर भी काम करते हैं तो कई जिम संचालन से भी जुड़े हैं. जब कोरोना की मार से हरेक व्यापार धंधा चौपट हुआ तो जाहिर है, उन जिम संचालकों को भी नुकसान झेलना पड़ा. स्थापित जिम संचालकों को छोड़ उन लोगों के लिए ज्यादा मुश्किल भरा था, जो इस प्रोफेशन में नए नए उतरे. जिम संचालन में बंद रहने के कारण बिजली और किराए की समस्याओं के चलते व्यवसाय को बंद करना पड़ा.

राजधानी में करीब 700 से 800 जिम संचालित 
जानकारों की मानें तो प्रदेशभर में करीब 25 से 30 हजार से ज्यादा जिम हैं तो वहीं, राजधानी में करीब 700 से 800 जिम संचालित हैं, जो पिछले लॉक डाउन के बाद सबसे आखिर में अनलॉक किए गए थे यानि अगस्त महीने तक जिम खुल सके थे, जिनमें भी लोगों की संख्या दिसंबर तक ही पूरी हो सकी थी. इतने में दोबारा से फैले कोरोना संक्रमण से पांबदियां और लॉकडाउन ने इस व्यवसाय के सामने चुनौतियां पैदा कर दी.

दूसरी लहर के पीक ने सबको हिलाकर रख दिया
बहरहाल, कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के पीक ने हर किसी को हिला कर रख दिया है. ऐसे में अब प्रदेश के बॉडी बिल्डर भी उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही इस महामारी का दौर थमे और जिंदगी के पटरी पर लौटने के साथ ही जीम संचालन का रास्ता खुल सके जिससे वो आने वाले दिनों में अपनी प्रतियोगिता की तैयारी कर सकें.