राजस्थान: नए साल से पहले CM गहलोत का किसानों को गिफ्ट, 5% कम हुआ दीर्घकालीन ऋण

राजस्थान में गहलोत सरकार ने नए साल से पहले लाखों किसानों को बड़ा तोहफा दिया है. गहलोत सरकार की ओर से प्रदेश में दीर्घकालीन ऋण पर 5 फीसदी छूट लागू कर दी गई है.

राजस्थान: नए साल से पहले CM गहलोत का किसानों को गिफ्ट, 5% कम हुआ दीर्घकालीन ऋण
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

जयपुर: राजस्थान में गहलोत सरकार ने नए साल से पहले लाखों किसानों को बड़ा तोहफा दिया है. गहलोत सरकार की ओर से प्रदेश में दीर्घकालीन ऋण पर 5 फीसदी छूट लागू कर दी गई है. वित्त विभाग ने फाइल की मंजूरी देने के बाद यह योजना लागू हो गई है.

1 अप्रैल 2014 से ऋण लेने वाले किसान इस योजना के लिए पात्र होंगे. किसानों को 5 फीसदी अनुदान का लाभ लेने के लिए 31 मार्च 2020 तक ऋण चुकाना ही होगा. गहलोत सरकार पंचायतीराज चुनाव में इस योजना का पूरा लाभ लेने की कोशिश करेगी. क्योंकि गांव के चुनावों में किसानों का मुद्दा सबसे अधिक हावी रहता है. इसलिए गहलोत सरकार पंचायत चुनाव में इस योजना का भुनाने की पूरी कोशिश करेगी.

23.50 करोड़ तक के अनुदान की छूट देगी सरकार

राज्य सरकार इस योजना में 23.50 करोड़ या वास्तवित प्राप्त दावों की राशि, जो भी कम हो तक का ब्याज अनुदान देगी. इससे अधिक प्राप्त दावों का भुगतान राज्य सरकार द्धारा नहीं किया जाएगा. प्राथमिक भूमि विकास बैंकों द्धारा अनुदान दावे हर महीने के अंत के दस दिन के भीतर राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक को दिए जाएंगे. प्राथमिक भूमि विकास बैंकों के दीर्घकालीन अवधि के पात्र ऋणियों को ब्याज अनुदान उपलब्ध करवाने की इस योजना की क्रियान्वयन के लिए राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक नोडल एजेंसी होगी.

15 दिन के भीतर होगा ब्याज राशि का समायोजन
दावा राशि प्राप्त होने के 15 दिन के भीतर प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंक द्धारा ऋणी के खाते में ब्याज राशि का समायोजन करते हुए उपयोगिता प्रमाण पत्र नोडल एजेंसी को भिजवाए जाएंगे. राज्य सरकार द्धारा ब्याज अनुदान की राशि ऋणी के खाते में जमा करवाने के बाद बैंक द्धारा अनुदान राशि की रसीद ऋणी को प्रदान की जाएगी.

ये ऋणी पात्र होंगे अनुदान के लिए
प्रदेश में तीन तरह के दीर्घकालीन फसली ऋण दिए जाते हैं, जिनमें लघु सिंचाई, कृषि यंत्रीकरण, कृषि सम्बंधित गतिविधियों के लिए ऋण दिए जाते हैं.

लघु सिंचाई में नलकूप, पंपसैट, ड्रिप सिंचाई, विघुतीकरण और नाली निर्माण के कार्य आते हैं. कृषि यंत्रीकरण जैसे ट्रैक्टर, थ्रेशर और कम्बाईन हार्वेस्टर के लिए भी दीर्घकालीन फसली ऋण दिया जाता है. इसके अलावा कृषि संबधित गतितिवियां जैसे डेयरी, भूमि सुधार, कृषि भूमि क्रय, ग्रीन हाउस, सोलर प्लांट, मुर्गी पालन और बैलगाड़ी क्रय के लिए प्रदेश में दीर्घकालीन फसली ऋण दिए जाते हैं.