झुंझुनूं: महिला अपराधों को लेकर प्रशासन की नई पहल, शुरू हुआ आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर

लगातार बढ़ते दुष्कर्म, छेड़छाड़ व मारपीट के मामलों से निबटने के लिए सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली बालिकाओं को अब आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है.   

झुंझुनूं: महिला अपराधों को लेकर प्रशासन की नई पहल, शुरू हुआ आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर
बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण

झुंझुनूं: लगातार बढ़ते दुष्कर्म, छेड़छाड़ व मारपीट के मामलों से निबटने के लिए सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली बालिकाओं को अब आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से प्रत्येक जिले के हर स्कूल से एक फिजिकल एजुकेशन की शिक्षिका को दस दिन का गैर आवासीय प्रशिक्षण देना शुरू किया गया है. ये शिक्षिकाएं प्रशिक्षण लेने के बाद अपने-अपने क्षेत्र में बालिकाओं को प्रशिक्षित करेंगी.

जाहिर है, लगातार बढ़ रहे महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर लगाम लगाने के लिए महिलाओं और छात्रों को मजबूत करने की जरुरत है. इसी समस्या को समझते हुए अब स्कूलों में ही छात्राओं को शारीरिक तौर पर मजबूत बनाया जाएगा. इस दस दिवसीय शिविर में शिक्षिकाओं को मार्शल आर्ट और आत्मरक्षा की ट्रेनिंग दी जा रही है. जिसके बाद ये टीचर बच्चियों को प्रशिक्षित करेंगी. अगर किसी स्कूल में महिला शारीरिक शिक्षक नहीं है, वहां पर अन्य शिक्षक को प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

इन शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में आत्मरक्षा प्रशिखण के तहत मार्शल आर्ट राज्य एवं संभाग स्तर पर प्रशिक्षित केआरपी की ओर से दिया जा रहा है. ऐसे में दक्ष शारीरिक शिक्षक, विशेषज्ञों का छह सदस्य कमेटी का गठन किया गया है. जिसे टीम नीडर के रूप में पहचाना जाएगा.

इस टीम में चार पुरुष शारीरिक शिक्षक व दो महिला शारीरिक शिक्षकों को शामिल किया गया है. इसी क्रम में अलसीसर के जेके उमावि में यह शिविर शुरू किया गया. जिसमें अलसीसर ब्लॉक के सभी स्कूलों से एक-एक महिला शिक्षिकाएं प्रशिक्षण ले रहे हैं. आपको बता दें कि ये शिविर 23 दिसंबर तक चलेंगे. जिले में कुल 989 शिक्षिकाएं प्रशिक्षण ले रही है.