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राजस्थान: निकाय चुनाव में आप चुन सकेंगे अपना मेयर और सभापति, नियमों में बदलाव लागू

कांग्रेस ने सत्ता में आते ही नगर निकायों में पार्षदों के जरिए चेयरमैन के चुनाव की व्यवस्था में बदलाव किया है. अब प्रदेश में नगर निगम, नगरपरिषद व नगरपालिका के मेयर, सभापति और अध्यक्षों के चुनाव पार्षदों की जगह सीधे मतदाता करेंगे.

राजस्थान: निकाय चुनाव में आप चुन सकेंगे अपना मेयर और सभापति, नियमों में बदलाव लागू
2019 के नवंबर में जयपुर सहित 44 निकायों में चुनाव होंगे. (फाइल फोटो)

जयपुर: कांग्रेस ने सत्ता में आते ही नगर निकायों में पार्षदों के जरिए चेयरमैन के चुनाव की व्यवस्था में बदलाव किया है. अब प्रदेश में नगर निगम, नगरपरिषद व नगरपालिका के मेयर, सभापति और अध्यक्षों के चुनाव पार्षदों की जगह सीधे मतदाता करेंगे.

बता दें, गहलोत सरकार ने चुनावी घोषणा पत्र में किए वादे के अनुसार यह बदलाव किया है. राज्य सरकार ने पांच साल बाद फिर बीजेपी सरकार के नियमों को अपने चुनावी घोषणा पत्र के अनुसार नियमों को बदला है. इससे पहले 2009 में भी पिछली कांग्रेस सरकार ने ही प्रत्यक्ष प्रणाली से मेयर-सभापति और अध्यक्षों के चुनाव कराए थे.

बीजेपी सरकार ने बदला था नियम 
इससे पहले बीजेपी सरकार ने 2014 में इस नियम को बदल दिया था. इस दौरान सीधे जनता के बजाय पार्षदों के माध्यम से मेयर-सभापति चुनने का नियम लागू किया. लेकिन अब नगर निकाय चुनावों में प्रदेश के लोग एमएलए-एमपी की तरह अपने मेयर-सभापति चुने सकेंगे. जिसके लिए सरकार ने राजस्थान म्यूनिसिपल एक्ट इलेक्शन रूल्स 1994 में बदलाव कर दिया. 

कई राज्यों में लागू है ये प्रणाली
आपको बता दें कि राजस्थान के अलावा मध्य प्रदेश, छतीसगढ़, उत्तराखंड, यूपी और झारखंड में भी यह प्रणाली लागू है. 2014 में गठित बोर्ड का कार्यकाल 2019 तक और 2015 में गठित बोर्ड का कार्यकाल 2020 तक है. पुराने बोर्ड में यदि किसी प्रकार का पद रिक्त होता है तो उनके चुनाव पुरानी अप्रत्यक्ष प्रणाली से ही होंगे. चाहे अध्यक्ष, सभापति या मेयर का पद खाली हो. लेकिन जिन निकायों में नए चुनाव होंगे वहां नए संशोधन के अनुसार अध्यक्ष, मेयर और सभापति के चुनाव में प्रत्यक्ष प्रणाली से जनता  वोट देकर चुनाव करेगी.

नवंबर में है 44 निकायों का चुनाव
2019 के नवंबर में जयपुर सहित 44 निकायों में चुनाव होंगे. अगले साल जुलाई में प्रदेश के 137 स्थानीय निकायों के चुनाव होंगे. उसके बाद बाकी बचे या नए गठित निकायों के फिर नंबर तक दो बार चुनाव होंगे. इस तरह 2019 और 2020 में तीन चरणों में सभी 193 निकायों के चुनाव होंगे. ये सभी चुनाव नए संशोधित इलेक्शन रूल्स के अनुसार प्रत्यक्ष प्रणाली से होंगे.

जयपुर को छोड़ प्रदेश में हैं बीजेपी के मेयर
आपको बता दें कि जयपुर को छोड़कर सभी नगर निगमों में बीजेपी के मेयर हैं. जयपुर में वर्तमान बोर्ड में तीसरे मेयर विष्णु लाटा हैं. विष्णु लाटा ने बीजेपी से बागी होकर चुनाव लड़ा था.