जयपुर: एक इलाका 8 महीने से गंदा पानी पीने को मजबूर, सड़क पर उतरी महिलाएं

करोड़ों रूपए खर्च करने के बावजूद भी जलदाय विभाग घरों में स्वच्छ पानी पहुंचाने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है.

जयपुर: एक इलाका 8 महीने से गंदा पानी पीने को मजबूर, सड़क पर उतरी महिलाएं
स्थानीय महिलाओं ने पीएचईडी के खिलाफ जमकर नारेबाजी

जयपुर: करोड़ों रूपए खर्च करने के बावजूद भी जलदाय विभाग घरों में स्वच्छ पानी पहुंचाने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है. हरमाड़ा में 8 महीने से घरों में पानी तो पहुंच रहा है, लेकिन वो पानी ना तो पीने लायक है और ना ही किसी और काम में लेने लायक. इससे गुस्साएं स्थानीय लोगों ने जलदाय विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. स्थानीय महिलाओं ने पीएचईडी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सवाल किए कि आखिरकार कॉलोनीवासियों को स्वच्छ पानी क्यों नहीं पिलाया जा रहा है. 

जयपुर के हरमाड़ा इलाके में सीकर हाइवे की पंच बिहार कॉलोनी का ये पूरा मामला है, जहां महीनों से गंदा पानी आ रहा है. जलदाय विभाग समस्या दूर करने की बजाय स्वच्छ पानी पिलाने का दावा कर रहा है. जलदाय विभाग की लापरवाही के चलते स्थानीय लोगों को लगातार परेशानियां हो रही हैं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि घरों में पेयजल आपूर्ति के दौरान चाय जैसा मटमैला पानी नलों में आ रहा है. लगातार नलों से गंदा पानी आने की शिकायतें लगातार की जा रही है, लेकिन अब तक जलदाय विभाग ने कोई सुध नहीं ली. अब लोग निजी टैंकर मंगवाकर पानी पीने को मजबूर हैं.

8 महीने बीत जाने के बाद भी पेयजल व्यवस्था दुरूस्त नहीं हो पाई है. भले ही प्रशासन नागरिकों को साफ पानी मुहैया कराने के दावे कर रही हो, लेकिन वास्तविक स्थिति कुछ और ही दिख रही है. वहीं स्थानीय पार्षद सुनील कुमार सैनी का कहना है कि लगातार मेरे पास पंच विहार कॉलोनी के घरों में गंदे पानी आने की शिकायत मिल रही हैं, जिसके लिए मैंने कई प्यास किये हैं. 

पार्षद ने कहा कि जलदाय विभाग की जेईएएन ना तो लोगों का फोन उठाती है और ना ही मेरा फोन उठाती है. कई बार मैंने फोन किया, लेकिन एक बार भी फोन नहीं उठाया और यह भी पता नहीं कहां रहती है. ऐसे में जलदाय विभाग के स्वच्छ पानी पिलाने वाले दावे की धज्जियां जमीनी स्तर पर उड़ाती हुई दिखाई दे रही है.