पीएम मोदी के आरोप का सीएम गहलोत ने दिया करारा जवाब, कहा...

पीएम मोदी के आरोप का सीएम गहलोत ने ट्वीट कर जवाब दिया. सीएम ने कहा कि मेरा नाम लेकर देश को गुमराह किया जा रहा है. 

पीएम मोदी के आरोप का सीएम गहलोत ने दिया करारा जवाब, कहा...
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

जयपुर: पीएम मोदी(PM Narendra Modi) के आरोप का सीएम गहलोत(CM Ashok Gehlot) ने ट्वीट कर जवाब दिया. सीएम(CM Ashok Gehlot) ने कहा कि मेरा नाम लेकर देश को गुमराह किया जा रहा है. उस वक्त पाक से जो पीड़ित आया उसके लिए मैंने पत्र लिखा था.

ट्विटर पर सीएम गहलोत(CM Ashok Gehlot) ने लिखा कि, "पहले अमित शाह जी सदन में एवं आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी मेरा नाम लेकर देश को गुमराह कर रहे हैं. ये कहना क्या चाहते हैं?पाकिस्तान से प्रताड़ित होकर जो लोग सीमावर्ती राजस्थान आए उन्हें सुविधाएं मिले,इसके लिए तत्कालीन गृहमंत्री श्री पी.चिदम्बरम् को पत्र लिखना क्या गलत था?" 

ट्विटर पर सीएम गहलोत ने लिखा कि, "अब भी जो प्रताड़ित होकर आते हैं उन्हें नागरिकता/सुविधाएं दिये जाने से कौन रोक रहा है?इससे हिन्दू या मुसलमान किसको शिकायत हो सकती है? शिकायत तो यह है कि जिस प्रकार असम में एनआरसी को लागू नहीं कर पाए उसके बावजूद पूरे देश में गृहमंत्री एनआरसी लागू करने का ऐलान करके भड़का रहे हैं."

गौरतलब है कि रविवार को जयपुर(Jaipur) में CAA(Citizenship Amendment Act) के खिलाफ अल्बर्ट हॉल से लेकर गांधी सर्किल तक शांति मार्च निकाला गया. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत(CM Ashok Gehlot), पीसीसी चीफ सचिन पायलट सहित सभी मंत्री, विधायक अन्य दलों के नेताओं ने भी शांति मार्च में भाग लिया. 

इस दौरान मुख्यमंत्री गहलोत(CM Ashok Gehlot) ने कहा कि पूरे मुल्क में पिछले 7 दिन से जो कुछ हो रहा है, वो बहुत दुख:द है. पंद्रह लोग मर जाना यूपी के अंदर, ये क्या संदेश देता है देश को? जो सबसे बड़ा राज्य है देश का, वहां 15 लोग मर गए. अभी हम देखते हैं टीवी के अंदर, धमकाने वाली भाषा काम में ली जा रही है, प्रॉपर्टीज़ जब्त करेंगे. एनएसए में बंद करेंगे. क्या-क्या नहीं कहा जा रहा, ऐसे वक्त में जब आग लगी हुई हो तो पहले आग को शांत कैसे करें. आग को बुझाएं कैसे, वो करने की बजाय जिस रूप में स्टेटमेंट आ रहे हैं और हिंसा सिर्फ वहीं हो रही है, जहां बीजेपी शासित राज्य हैं. पूना के अंदर, मुंबई के अंदर, हैदराबाद के अंदर, वहां पर भी एक-एक लाख लोगों के जुलूस निकले हैं, कहीं हिंसा नहीं हुई है.