राजेंद्र गुढ़ा की लाल डायरी का राज़ कब खुलेगा ?
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राजेंद्र गुढ़ा की लाल डायरी का राज़ कब खुलेगा ?

Rajasthan Politics : डॉन फिल्म (DON MOVIE) की लाल डायरी याद है ना आपको, जिसमें डॉन ने अपने कई राज छुपाए थे. उस लाल डायरी में कई सफेदपोश लोगों के नाम भी थे फिल्म का विलेन वर्धधान किसी भी हालत में लाल डायरी को पाना चाहता था. ऐसी ही एक लाल डायरी आज (RAJASTHAN)विधानसभा में लहराई गयी है. जिसे और कोई नहीं बल्कि बर्खास्त मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा (Rajendra Gudha) ने लहराया. लाल डायरी (Rajendra Gudha Lal Diary )में क्या है और किसके राज छिपे हैं ये तो सिर्फ बर्खास्त हो चुके मंत्री ही बता सकते हैं.

 

राजेंद्र गुढ़ा की लाल डायरी का राज़ कब खुलेगा ?

Rajasthan Politics : डॉन फिल्म (DON MOVIE) की लाल डायरी याद है ना आपको, जिसमें डॉन ने अपने कई राज छुपाए थे. उस लाल डायरी में कई सफेदपोश लोगों के नाम भी थे फिल्म का विलेन वर्धधान किसी भी हालत में लाल डायरी को पाना चाहता था. ऐसी ही एक लाल डायरी आज (RAJASTHAN)विधानसभा में लहराई गयी है. जिसे और कोई नहीं बल्कि बर्खास्त मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा (Rajendra Gudha) ने लहराया. लाल डायरी (Rajendra Gudha Lal Diary )में क्या है और किसके राज छिपे हैं ये तो सिर्फ बर्खास्त हो चुके मंत्री ही बता सकते हैं.

फिलहाल तो राजस्थान की गहलोत सरकार के मंत्रिमंडल से बर्खास्त राजेंद्र गुढ़ा को कांग्रेस ने पार्टी ेसे बाहर का रास्ता दिखा कर निष्कासित भी कर दिया है. 

मुद्दा काफी गर्मा गया है. बर्खास्ती के बाद आज जैसे ही राजेंद्र सिंह गुढ़ा के राजस्थान विधानसभा में पहुंचे. तो उनके हाथ में एक लाल डायरी थी. जिसे वो स्पीकर के सामने वो लहराने लगे. गुढ़ा यहीं तक नहीं रुके, उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल का माइक तक नीचे कर दिया.

दरअसल, धारीवाल गुढ़ा को सदन से बाहर निकालने का प्रस्ताव रखने वाले थे. जिसको लेकर दोनों में तकरार बढ़ने पर कांग्रेस विधायक रफीक खान भी बीच में आ गए. इस बीच, रफीक और गुढ़ा के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई भी हुई. जिसके बाद स्पीकर सीपी जोशी को विधानसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी.

स्पीकर ने गुढ़ा को सदन से बाहर निकालने के आदेश दिए और मार्शल बुलाकर उन्हें सदन से बाहर भी निकलवा दिया. इससे पहले राजेंद्र गुढ़ा लाल डायरी लेकर स्पीकर सीपी जोशी के सामने तक पहुंच गए. स्पीकर ने गुढ़ा से चैंबर में मिलने को कहा और वहां से तत्काल चले जाने को बोल दिया. लेकिन, गुढ़ा स्पीकर के आसन के सामने लगातार लाल डायरी लेकर उसे लहराते रहे.

काफी देर तक गुढ़ा की स्पीकर से नोक-झोंक होती रही थी. स्पीकर ने गुढ़ा को सदन से बाहर निकालने तक की चेतावनी भी दी. लेकिन वो नहीं माने. काफी देर नोक-झोंक के बाद गुढ़ा स्पीकर के सामने से हटे और संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल के सामने पहुंचकर उनका माइक नीचे कर दिया.

कांग्रेस के मंत्री-विधायक बलात्कारी, इनका नार्को टेस्ट करवाएं- गुढ़ा
सदन के बाहर गुढ़ा ने कहा कि इस प्रदेश की हर बहन-बेटी मेरी बहन-बेटियां हैं. साथ ही कहा कि  मैं उन्हें अपनी बहन से भी बढ़कर मानता हूं. मैं महाराव शेखाजी का वंशज हूं, जिनकी तीन पीढ़ियों ने महिला सम्मान के लिए पूरा जीवन कुर्बान कर दिया. कांग्रेस के मंत्री और विधायक बलात्कारी है. मंत्री-विधायकों का नार्को टेस्ट करवाना चाहिए. इनमें से बहुत-से बलात्कारी हैं. गुढ़ा ने ये भी कहा कि पहले सीएम साहब ने रसगुल्ले दिए थे, आज घूंसे मार दिए.

मामले पर बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा- कांग्रेस विधायकों ने जिस तरह मारपीट की है, वो निंदनीय है. सैनिक कल्याण मंत्री रहे गुढ़ा लाल डायरी लेकर आए. वो राज खोलना चाहते थे. सदन में मैंने भी लाल डायरी का मुद्दा उठाया . गुढ़ा को बोलने नहीं दिया गया बल्कि मार्शलों के जरिए उनके साथ मारपीट हुई. अपने ही विधायक पर कांग्रेस के विधायक जिस तरह टूट पड़े, वो शर्मनाक है. जब तक लाल डायरी का राज नहीं खुलेगा, हमारा संघर्ष जारी रहेगा. सदन साक्षी था की गुढ़ा ने हाथापाई नहीं की. गुढ़ा ने कहा कि मुझे बोलने दीजिए तो रफीक खान ने गुढ़ा पर हमला किया.

 

 

 

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