पंडित नेहरू ने कॉमनवेल्थ में भारत के शामिल होने पर जताई थी आपत्ति: प्रणब मुखर्जी

राष्ट्रमण्डल संसदीय संघ (राजस्थान शाखा) और लोकनीति सीएसडीएस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सेमिनार के दौरान पूर्व राष्ट्रपति ने कई मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी.

पंडित नेहरू ने कॉमनवेल्थ में भारत के शामिल होने पर जताई थी आपत्ति: प्रणब मुखर्जी
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने नागरिकों के मौलिक अधिकार पर अपनी बात रखी...

जयपुर: राजस्थान विधानसभा में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि पूर्व पीएम पंडित जवाहरलाल नेहरू ने ब्रिटिश कॉमनवेल्थ में भारत के शामिल होने पर आपत्ति जताई थी. इस दौरान पंडित नेहरू ने कहा था कि हमारे देश में गणतंत्र है, राजशाही नहीं.

उन्होंने कहा कि पंडित नेहरु को आपत्ति थी कि ब्रिटिश कॉमनवेल्थ की जगह कॉमनवेल्थ ऑफ नेशन्स होना चाहिए. जिसमें अन्य सदस्य देशों को भी समान रूप से अध्यक्ष चुने जाने का अधिकार हो. उस दौरान केवल ब्रिटेन की राजशाही ही ब्रिटिश कॉमनवेल्थ का च्यरपर्सन हो सकता था. जिस कारण उन्होंने उस वक्त ब्रिटिश कॉमनवेल्थ में शामिल होने से इंकार किया था.

इंदिरा गांधी ने खत्म किया प्रिविलेज
कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों से अपने राजनीतिक अनुभव साझा करते हुए पूर्व राष्ट्रपति ने राजा रजवाड़ों को जारी रियायतों पर भी अपने विचार रखें. उन्होंने कहा कि देश के आजाद होने के बाद राजा राजवाड़े टैक्स और अन्य करों से मुक्त थे. लेकिन इंदिरा गांधी के सत्ता संभालने के बाद यह मुद्दा नजर में आने के बाद उनके निर्देश पर इस तरह की प्रिविलेज खत्म की गई.

विशेष आधार पर लाभ देना गलत
उन्होंने कहा कि इस तरह लोकतंत्र की स्वस्थ परंपरा को स्थापित किया गया. उन्होंने कहा कि किसी एक को विशेष आधार पर लाभ देना गलत था.

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केशव नंद भारती केस किया जिक्र
कार्यक्रम के दौरान नागरिकों के मौलिक अधिकारों के हनन पर कहा कि न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच में टकराव की स्थिति रहती है. इस दौरान पूर्व राष्ट्रपति मुखर्जी ने केशव नंद भारती केस जिक्र किया.

राष्ट्रमंडल संसदीय संघ की थी जरुरत 
उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल संसदीय संघ लोकतंत्र को मजबूत करने वाली संस्था है. देश की स्वतंत्रता के समय कई राजनीतिक संगठन सक्रिय थे. लेकिन लोकतंत्र हमारे लिए नया था. ऐसे में परंपराओं और विचारों के लिए राष्ट्रमंडल संसदीय संघ की काफी जरुरत थी.

इस दौरान पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित सदस्यों का आभार भी जताया.

राष्ट्रमण्डल संसदीय संघ और सीएसडीएस ने किया था आयोजन
आपको बता दें कि राष्ट्रमण्डल संसदीय संघ (राजस्थान शाखा) और लोकनीति सीएसडीएस के संयुक्त तत्वावधान में विधायकों के लिए 1 अगस्त को राजस्थान विधानसभा में सेमीनार का आयोजन किया गया था. इस दौरान सीपीए राजस्थान शाखा के प्रेसीडेंट एवं विधानसभा अध्यक्ष सी.पी. जोशी, वाइस प्रेसीडेंट और सीएम अशोक गहलोत, वाइस प्रेसीडेंट एवं प्रतिपक्ष नेता गुलाब चन्द कटारिया और सचिव विधायक संयम लोढ़ा मौजूद थे.