टोंक में खुलेआम हो रहा देह व्यापार का कारोबार, पुलिस ने झाड़ा पल्ला

एनएच 12 जयपुर से कोटा तक कई ऐसी बस्तियां ऐसी हैं जहां दिन के उजाले से लेकर रात के अंधेरे में देह व्यापार का गोरखधंधा चरम पर है. 

टोंक में खुलेआम हो रहा देह व्यापार का कारोबार, पुलिस ने झाड़ा पल्ला
टोंक इलाके में देह व्यापार बे-रोकटोक जारी है.

पुरूषोत्तम जोशी/टोंक: देशभर में देह व्यापार का काला कारोबार किसी से छिपा नहीं है. हाईवे के किनारे से लेकर पांच सितारा होटलों तक यह कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है. राजस्थान में जब जी राजस्थान न्यूज ने पड़ताल की तो टोंक सहित कई जिलों में यह गोरखधंधा चरम पर नजर आया. राजस्थान की राजधानी से महज 100 किमी की दूरी पर स्थित सूबे के उपमुख्यमंत्री की विधानसभा सीट टोंक और आस पास के इलाके में देह व्यापार बे-रोकटोक जारी है. 

खबर के मुताबिक हाईवे किनारे आज भी कई बस्तियां बसी हुई है, जहां मासूम लड़कियों को इस नर्क में झोंका जा रहा है. एनएच 12 जयपुर से कोटा तक कई ऐसी बस्तियां ऐसी हैं जहां दिन के उजाले से लेकर रात के अंधेरे में देह व्यापार का गोरखधंधा चरम पर है. इन इलाकों में निवाई, नटवाड़ा, बरौनी, मेहंदवास, देवली, एनएच 116 टोंक से सवाईमाधोपुर, सूंथड़ा, खेड़ली, चौरू, मंडावरा, जयपुर से डिग्गी, मालपुरा, और अजमेर मार्ग पर ऐसी कई बस्तियां देखी जा सकती हैं जहां पर देहव्यापर का ह खेल खुलेआम चल रहा है.

जब हमने स्थानीय लोगों से इस गौरख-धंधे पर बात की तो लोगों का कहना था कि सब कुछ पुलिस वालों की मिली भगत से हो रहा है. लोगों का कहना है कि इस गोरखधंधे में पुलिसवालों की लाखों की कमाई होती है, जिसके कारण यहां के पुलिस कर्मी इस मामले करो लेकर कोई कदम नहीं उठाते हैं.

वहीं, जब हमने टोंक के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विपिन कुमार शर्मा से बात की तो उन्होने  इस मामले से पूरी तरह पल्ला झाड़ लिया. साथ ही उन्होने सालों पहले इस मामले को लकेर जो कार्रवाई की थी उसे बता कर खुद की पीठ थपथपाने लगे.

साथ ही जनता की यह मांग है कि देह व्यापार को रोकने के लिए कई कानून बने, लेकिन सालों से कानून देह व्यापार में शामिल लोगों के आगे नतमस्तक ही नजर आ रहा है. इसी देह व्यापार में अपहरण कर लाई गई मासूम बच्चियों को झोंक दिया जाता है, लेकिन सब कुछ जानकर भी पुलिस के अधीकारी अपनी चांदी कूटने में मस्त है.