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राहुल गांधी राजस्‍थान की सत्‍ता और संगठन में कर सकते हैं बड़े बदलाव, गहलोत की कुर्सी बचेगी!

राजस्थान में कांग्रेस की करारी हार के कारणों पर दिल्ली में राहुल गांधी राजस्थान के नेताओं के साथ चर्चा करेंगे. मंथन के बाद राहुल गांधी राजस्थान कांग्रेस को लेकर कुछ कड़े फैसले ले सकते हैं. हार के जिम्मेदार नेताओं पर गिर सकती है. सत्ता और संगठन का चेहरा और आकार बदला जा सकता है.  

राहुल गांधी राजस्‍थान की सत्‍ता और संगठन में कर सकते हैं बड़े बदलाव, गहलोत की कुर्सी बचेगी!
राजस्‍थान में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद वह सभी 25 सीटें हार गई. फाइल फोटो

जयपुर/नई दिल्‍ली: लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के कड़े फैसले लेने का मन बना चुके हैं. राजस्थान में भी कांग्रेस सभी 25 सीटें हार चुकी है. आज मंगलवार को दिल्ली में होने वाली कांग्रेस की समीक्षा बैठक में राजस्थान में सत्ता और संगठन में कई बड़े बदलाव लिए जा सकते हैं. राजस्थान में कांग्रेस की करारी हार के कारणों पर दिल्ली में राहुल गांधी राजस्थान के नेताओं के साथ चर्चा करेंगे. मंथन के बाद राहुल गांधी राजस्थान कांग्रेस को लेकर कुछ कड़े फैसले ले सकते हैं. हार के जिम्मेदार नेताओं पर गिर सकती है. सत्ता और संगठन का चेहरा और आकार बदला जा सकता है.

राजस्‍थान के प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे अपनी रिपोर्ट तैयार कर चुके हैं. मंगलवार को दिल्ली में राहुल गांधी के समक्ष होने वाली समीक्षा बैठक में हार के इन कारणों पर चर्चा होगी. माना जा रहा है कि राहुल गांधी कांग्रेस शासित राज्यों में मिली करारी हार से बेहद आहत हैं. इनमें राजस्थान में कांग्रेस को सभी 25 सीटों पर हार मिली है. सीडब्ल्यूसी की बैठक में राहुल गांधी राजस्थान और मध्य प्रदेश को लेकर अपनी भावना प्रकट कर चुके हैं. राजस्थान को लेकर होने वाली बैठक में राहुल गांधी राजस्थान सरकार और संगठन को लेकर कुछ कड़े फैसले ले सकते हैं. माना जा रहा है की खराब प्रदर्शन करने वाले नेताओं की सत्ता और संगठन से छुट्टी तय है.

 कांग्रेस के दो मंत्रियों ने लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार के लिये विस्तृत आकलन की मांग की
राजस्थान में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद राज्य के एक मंत्री के त्यागपत्र देने की चर्चाओं के बाद दो मंत्रियों ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा हार के कारणों का विस्तृत आकलन किये जाने की मांग की है. राजस्थान के सहकारिता मंत्री उदयलाल अंजना और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रमेश मीणा ने कहा कि पार्टी को हार का विस्तृत आकलन करके राज्य में होने वाले स्थानीय निकायों के चुनाव के लिये पार्टी को फिर से मजबूती के साथ तैयार करना चाहिए.

अंजना ने कहा कि लोकसभा चुनावों के परिणाम आशाओं के विपरीत थे और भाजपा द्वारा उठाए गए राष्ट्रवाद के मुद्दे से मतदाताओं को प्रभावित किया गया था. उन्होंने कहा कि हमारे नेताओं ने भी पूरे प्रयास किए, लेकिन यह लोगों को स्वीकार्य नहीं था. उन्होंने कहा, ‘पार्टी के वरिष्ठ नेता दिल्ली में विचार-मंथन कर रहे हैं और पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने इस्तीफे की पेशकश की. नेताओं द्वारा आत्ममंथन किया जाना चाहिए.’ अंजना ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत की सीट के चुनाव पर भी प्रश्न उठाते हुए कहा कि जालौर उनके लिये उपयुक्त सीट थी.

उन्होंने कहा कि वैभव गहलोत के सीट के चुनाव के आंकलन करने में कोई न कोई त्रुटि रही है और उसमें चूक हुई है उसी का खामियाजा हम सब भुगत रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘‘मैं जोधपुर के पक्ष में नहीं था, मैंने उनसे (गहलोत) कहा कि वैभव को जालौर से लड़वाना चाहिए. जालौर होता तो यह नतीजे नहीं आते.’ वैभव गहलोत ने जोधपुर लोकसभा सीट पर चुनाव लडा था जहां उनके सामने भाजपा के गजेन्द्र सिंह शेखावत चुनाव मैदान थे और शेखावत ने गहलोत को हरा कर जीत दर्ज की.

जब उनसे पूछा गया कि क्या राज्य में पार्टी की हार के लिये किसी वरिष्ठ नेता को त्यागपत्र देना चाहिए तो अंजना ने कहा कि वह इस पर टिप्पणी करने के लायक नहीं है. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रमेश मीणा ने भी कहा कि ब्लाक स्तर से लेकर सभी स्तरों के नेताओं से फीडबैक लिया जाना चाहिए. उन्होंने बताया कि इस समय पार्टी के उम्मीदवारों ,वर्तमान और पूर्व विधायकों, पूर्व सांसदों और पदाधिकारियों से विस्तृत समीक्षा कर फीडबैक लिया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि पार्टी के समक्ष चुनौतियां है और पार्टी को आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनजर प्रदर्शन बेहतर करना है. उन्होंने कहा कि हार एक सामूहिक जिम्मेदारी है, किसी भी व्यक्तिगत नेता के बारे में नहीं और हार की स्थिति का आकलन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा किया जाना चाहिए. मंत्री ने कहा कि विस्तृत फीडबैक जमीन से लिया जाना चाहिए और रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को सौंपी जानी चाहिए और रिपोर्ट के आधार पर किसी प्रकार का फैसला उन पर छोड़ देना चाहिए.