राजस्थान बाल आयोग की बड़ी उपलब्धि, साड़ी कारखाने से मुक्त कराया 200 बाल श्रमिक

आदिवासी बाहुल्य उदयपुर जिले से बच्चों को बाल मजदूरी के लिए गुजरात ले जाया जाता है. ऐसे में उदयपुर कलेक्टर और एसपी के निर्देश पर रविवार को टीम ने सूरत के साड़ी कारखानों पर दबिश दी.

राजस्थान बाल आयोग की बड़ी उपलब्धि, साड़ी कारखाने से मुक्त कराया 200 बाल श्रमिक
टीम ने 200 से भी ज्यादा बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया.

उदयपुर: राजस्थान के उदयपुर जिले के आदिवासी अंचल में लगातार बढ़ रहे बाल श्रम को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने रविवार को गुजरात के सूरत में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया. बता दें कि, सूरत के साड़ी कारखानों में काम करने वाले 200 से ज्यादा बाल श्रमिकों को पुलिस ने मुक्त कराया है.

खबर के मुताबिक, आदिवासी बाहुल्य उदयपुर जिले से बच्चों को बाल मजदूरी के लिए गुजरात ले जाया जाता है. ऐसे में उदयपुर कलेक्टर और एसपी के निर्देश पर रविवार को टीम ने सूरत के साड़ी कारखानों पर दबिश दी. इस दौरान साड़ी कारखानों में काम करने वाले करीब 200 से भी ज्यादा बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया.

इस कार्रवाई में गुजरात पुलिस का भी सहयोग लिया गया. कार्रवाई के दौरान राजस्थान बाल संरक्षण आयोग, आसरा संस्थान, उदयपुर जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों की एक बड़ी टीम सूरत पहुंची. सूरत के विभिन्न इलाकों में चल रहे साड़ी कारखानों पर गुजरात पुलिस के सहयोग से दबिश दी गई, जिसमें उदयपुर जिले के बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया. 

खबर के मुताबिक, अधिकतर कारखानों में काम करने वाले बाल श्रमिक उदयपुर जिले के रहने वाले हैं. संयुक्त कार्यवाई में करीब 200 बाल श्रमिक कराए गए मुक्त, 60 से अधिक बाल श्रमिक है. यह बच्चे कई राज्यों के हैं जिनकी संख्या करीब 138 बच्चे है. कुछ बच्चे उदयपुर, राजसमन्द और डूंगरपुर जिले के विभिन्न गांवों के भी हैं. सभी बच्चों को सिटी लाया जा रहा है, जहां इन बच्चों को उदयपुर सीडब्ल्यूसी के सुपुर्द किया जाएगा.

उदयपुर से रवाना हुए दल का विवरण
राजस्थान के बच्चो नव वर्ष का तोफा देने उन्हें बाल श्रम से मुक्त करवाने आयोग के सदस्य डॉ. शैलेन्द्र पंड्या की अध्यक्षता में AHTU प्रभारी श्याम सिंह , पुलिस के 16 जवान, CWC सदस्य उदयपुर जिग्नेश दवे, श्री आसरा विकास संस्थान के निदेशक भोजराज सिंह पदमपुरा, बचपन बचाओ आंदोलन के कार्यकर्त्ता गुजरात में 2 दिनों से गए हुए है. उक्त ऑपरेशन राजस्थान बाल आयोग, जिला प्रशासन उदयपुर के सयुक्त प्रयास से संभव हो पाया है. अभी तक सुबह से 200 से ज्यादा बच्चे मुक्त करवाने के साथ 10 नियोक्ता पकड़े जा चुके है.