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राजस्थान: सीएम अशोक गहलोत ने दो दिन मंथन कर तैयार किया बजट का खाका

CM अशोक गहलोत के बजट पूर्व संवाद में रविवार को सिविल सोसाइटी, उपभोक्ता संगठनों, एनजीओ के प्रतिनिधियों, किसानों, दुग्धपालकों और डेयरी संचालकों ने चर्चा कर बजट को लेकर अपने सुझाव लिए.

राजस्थान: सीएम अशोक गहलोत ने दो दिन मंथन कर तैयार किया बजट का खाका
वित्त विभाग ने सभी सुझावों को अपनी फाइलों पर लिया है.

जयपुर: राजस्थान सरकार के बजट के लिए विभिन्न संगठनों से मंथन का दौर पूरा हुआ. चार अलग अलग बैठकों में दो दिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के बजट को प्रभावी बनाने के लिए सुझाव लिए. रविवार को सिविल सोसायटी, उपभोक्ता संगठनों, एनजीओ के प्रतिनिधियों, किसानों, दुग्धपालकों और डेयरी संचालकों के साथ मंथन कर बजट में शामिल करने वाले प्रावधानों पर चर्चा की.

वहीं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, पिछड़े अंचलों के विकास, आदीवासी अंचल के लिए बजट प्रावधान, स्वास्थय के मजबूत प्रावधान, पर्यावरण सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के समुचित उपयोग के लिए कड़े कानून बनाने की मांग भी उठ रही है. साथ ही, सायबर सिक्योरिटी, चिटफंड कंपनियों के जरिए ठगी पर प्रभावी सुनवाई, मिलावटखोरों को जेल भेजने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग उठी. 

ऐसा हो प्रदेश का बजट
CM अशोक गहलोत के बजट पूर्व संवाद में रविवार को सिविल सोसाइटी, उपभोक्ता संगठनों, एनजीओ के प्रतिनिधियों, किसानों, दुग्धपालकों और डेयरी संचालकों ने चर्चा कर बजट को लेकर अपने सुझाव लिए. सभी सुझावों को सीएम अशोक गहलोत ने गंभीरता से सुना। कुछ सुझावों पर अधिकारियों को तुरंत समाधान के निर्देश भी दिए. बैठक में सामने आए कई अहम मसलों को बजट में जगह दी जाएगी. बैठक में प्रदेश में मिलावटी उत्पादों पर प्रभावी रोक, चिटफंड और मल्टीलेवल कम्पनियों पर अंकुश, सायबर कानून के साथ जांच के लिए नोडल एजेंसी बनाने, सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाना  मांगपत्र में शामिल रहा. बजट पूर्व संवाद में मंत्री लालचंद कटारिया, गोविंद सिंह डोटासरा,ममता भूपेश, मंत्री शाले मोहम्मद ,बीडी कल्ला,रमेश मीणा, प्रमोद जैन भाया मौजूद रहे.  

किसानों ने रखी अपनी मांगे
सीएम के सामने प्रतिभागियों ने मांग उठाई की बजट में सरकारी स्वास्थय केंद्रों के निजीकरण पर रोक लगे. जिन सरकारी भवनों को निजी संस्थाओं को इलाज के लिए दिया गया हैं, उनकी ऑडिट हो. सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, पिछड़े अंचलों के विकास, आदिवासी अंचल के लिए अलग से बजट प्रावधान, पर्यावरण सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के किफायती उपयोग के लिए कठोर कानून बनाया जाए. सायबर सिक्योरिटी, चिटफंड कंपनियों के जरिए ठगी पर प्रभावी सुनवाई का मंच बने. मिलावटखोरों को जेल भेजने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग उपभोक्ता संगठनों ने उठाई. किसानों और दुग्ध पालकों ने दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए अधिक सरकारी सहयोग, पशु उपचार केद्रों की संख्या में बढ़ोतरी, किसानों की आय बढ़ाने के नीतिगत प्रयास, फूड प्रोसेसिंग इकाईयों लगाने में किसानों की मदद, अधिक उत्पादकता के क्षेत्र में वेयर हाउस निर्माण सहित किसानों के साथ मौसम और उत्पादन का रियल टाइम डेटा साझा करने के प्रयास किए जाए. 

सभी सुझावों पर गंभीरता से मंथन
गहलोत सरकार अपने जनघोषणा पत्र के वादों को पहले बजट में शामिल करना चाहती हैं. इसके साथ ही उन सुझावों पर भी प्रमुखता से विचार किया जा रहा हैं जो प्रदेश की वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जरुरी हैं. दो दिन पूरी तसल्ली से सीएम ने सभी क्षेत्रों के विशेषज्ञों को सुना हैं, उन्हें भरोसा दिलाया हैं कि  सभी के हित का बजट विधानसभा में पेश होगा. इसमें नीतिगत मसलों के साथ रियायतों के पुलिंदें भी शामिल होंगे. वित्त विभाग ने सभी सुझावों को अपनी फाइलों पर लिया है. जो वाजिब होंगे वो फाइलों से निकल कर बजट के पन्नों पर होंगे.