राजस्थान : जन घोषणापत्र अभियान में कांग्रेस को मिला जनता का साथ, मिले 50000 सुझाव

 कांग्रेसी नेताओं ने घोषणापत्र को लेकर पच्चास हजार से ज्यादा सुझाव आने की पुष्टि की है.

राजस्थान : जन घोषणापत्र अभियान में कांग्रेस को मिला जनता का साथ, मिले 50000 सुझाव
जनता की तरफ से सुझाव का सिस्टम 7 दिन चलेगा.

जयपुर: सोशल मीडिया पर चल रहे कांग्रेस के 'जन घोषणापत्र' अभियान को कामयाबी मिलती दिख रही है. इस अभियान के तहत कांग्रेस को शुरुआती तीन दिनों में ही 50000 सुझाव मिले हैं. राजस्थान कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट और कांग्रेस मेनिफेस्टो कमेटी के चेयरमैन हरीश चौधरी ने इस अभियान को मिली अच्छी प्रतिक्रिया की सराहना की और इसे आगामी चुनावों में अवाम का फैसला बताया. 

कांग्रेस के सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर साझा किए गए एक वीडियो रिकॉर्डिग में दोनों कांग्रेसी नेताओं ने पच्चास हजार से ज्यादा सुझाव आने की पुष्टि की है. उन्होंने ट्वीट कर लोगों का आभार व्यक्त किया और कुछ ही घंटों में कांग्रेस का हैशटैग शीर्ष रुझानों में शामिल हो गया, जो लोगों की बीच पार्टी की लोकप्रियता को साफ दिखा रहा है.

बता दें कि इस बार चुनावों में कांग्रेस नें जनता की राय लेकर अपना चुनावी घोषणापत्र बनाने का मन बनाया है. जिसके तहत राजस्थान कांग्रेस की तरफ से ऑनलाइन फीडबैक लेने का सिस्टम लॉन्च किया गया. जिसके बाद कांग्रेस अपना घोषणापत्र जारी करेगी. 

कांग्रेस इस बार घोषणापत्र तैयार करने के लिए जनता से ऑनलाइन सुझाव मांग रही है. गौरतलब है कि 2 नवंबर को जयपुर में कांग्रेस की तरफ से ऑनलाइन फीडबैक सिस्टम लॉन्च किया था. जनता की तरफ से सुझाव का सिस्टम 7 दिन चलेगा. वहीं खबरं की मानें तो जनता के सुझावों के बाद नवंबर के दूसरे सप्ताह में कांग्रेस अपना घोषणापत्र जारी कर देगी.

वहीं इस बार कांग्रेस का घोषणा पत्र प्रदेश के घोषणापत्र के साथ-साथ जिला स्तर पर भी तैयार होगा. जिसमें जिलेवार प्राथमिकताओं को शामिल किया जाएगा. इसके अलावा अलग-अलग कार्यक्रम और मंच से कांग्रेस के बड़े नेताओं की तरफ से की गई घोषणाओं को भी घोषणा पत्र में शामिल किया जाएगा. 

निश्चित तौर पर कांग्रेस पार्टी में ऑनलाइन सुझाव सिस्टम शुरू करना परंपरागत तौर पर चलने वाली पार्टी के लिए नई कवायद है. इससे जनता की नब्ज़ को समझने में मदद मिलेगी. लेकिन सबसे महत्वपूर्ण सवाल ये कि क्या केवल जनता से वोट हासिल करने के लिए ही यह कवायद की जा रही है या वाकई इस बार कांग्रेस अपने घोषणापत्र को तैयार करने और सत्ता में आती है तो उसे लागू करने को लेकर गंभीर भी होगी? 
 

(इनपुट-आईएएनएस)