राजस्थान: विधानसभा के पहले सत्र में विधायकों का अलग अंदाज, कुछ यूं पहुंचे सदन...

नोखा से विधायक बिहारलाल बिश्नोई अपने मुंह पर सफेद बैंड चिपकाएं पहुंचे, जिस पर संदेश लिखा था कि शपथ ग्रहण समारोह में राजस्थानी भाषा को वैध भाषा घोषित किया जाना चाहिए

राजस्थान: विधानसभा के पहले सत्र में विधायकों का अलग अंदाज, कुछ यूं पहुंचे सदन...
जबकि ओम प्रकाश हुड़ला व महुआ नंगे पांव पहुंचे

जयपुर: पंद्रहवीं राजस्थान विधानसभा का पहला सत्र मंगलवार को शुरू हुआ. नवनिर्वाचित कई विधायक नंगे पांव या ट्रैक्टर पर सवार होकर पहुंचे. सदन में सदस्यों के राजस्थानी भाषा में शपथ ग्रहण करने की जोरदार मांग उठी. कुछ विधायकों ने हिंदी, अंग्रेजी व संस्कृति में शपथ ली, जबकि कई विधायकों ने राजस्थानी भाषा में शपथ लेने की प्रोटेम स्पीकर गुलाबचंद कटारिया से अनुमति मांगी.

नोखा से विधायक बिहारलाल बिश्नोई अपने मुंह पर सफेद बैंड चिपकाएं पहुंचे, जिस पर संदेश लिखा था कि शपथ ग्रहण समारोह में राजस्थानी भाषा को वैध भाषा घोषित किया जाना चाहिए. बिश्नोई की मांग का करीब दर्जन भर विधायकों ने समर्थन किया. हालांकि, प्रोटेम स्पीकर ने इससे इनकार कर दिया. इसके बाद इन विधायकों ने विरोध प्रदर्शन के तौर पर मुंह पर सफेद पट्टियां चिपका लीं.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हिंदी में शपथ ली, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कुछ सदस्यों ने संस्कृत में शपथ ली. इसमें पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी, अशोक लाहोटी, पब्बाराम विश्नोई, छगन सिंह राजपुरोहित, जोगेश्वर गर्ग, विठ्ठल शंकर अवस्थी, धर्म नारायण जोशी व अन्य शामिल थे.

नागौर के मेदाता सीट से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की विधायक इंदिरा देवी शपथ पढ़ने में विफल रहीं और कटारिया ने उन्हें अपने पढ़ने के बाद प्रतिज्ञाओं को दोहराने को कहा.कई दिलचस्प नजारे विधानसभा के बाहर देखने को मिले, जिसमें बहरोड़ से निर्दलीय विधायक बलजीत यादव ट्रैक्टर चलाकर आए, जबकि ओम प्रकाश हुड़ला व महुआ नंगे पांव पहुंचे.

उल्लेखनीय है कि 200 सीटों वाली विधानसभा में 199 सीटों के लिए सात दिसंबर को मतदान हुआ था. राज्य की रामगढ़ सीट पर चुनाव स्थगित कर दिया गया था जहां अब  28 जनवरी को मतदान होना है.

(इनपुट-आईएएनएस)