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मरुधरा में उप-चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज, चुनाव से पहले साथ और अब...

राजनीति संभावनाओं का खेल है. कब किसका वक्त आएगा, कुछ पता नहीं होता. मरुधरा में एक बार फिर से चुनावी मौहाल है. सूबे में दो सीटों पर उपचुनाव होने जा रहे हैं और इसी चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. 

मरुधरा में उप-चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज, चुनाव से पहले साथ और अब...
खींवसर सीट की खींचतान में बेनीवाल गठबंधन की दुहाई दे रहे हैं.

जयपुर: राजनीति संभावनाओं का खेल है. कब किसका वक्त आएगा, कुछ पता नहीं होता. मरुधरा में एक बार फिर से चुनावी मौहाल है. सूबे में दो सीटों पर उपचुनाव होने जा रहे हैं और इसी चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. 

लोकसभा चुनाव में आरएलपी (RLP) और बीजेपी गठबंधन के गले में हाथ डालकर घूम रहे थे. बेनीवाल सांसद बन गए. लेकिन इस वक्त सूबे के उपचुनाव में बेनीवाल अकेले हो गए. खींवसर की सीट (Khinwsar Vidhansabha Seat) पर बेनीवाल, बीजेपी(BJP) से समर्थन मांग रहे हैं. 

जानिए क्या कह रहे हैं आरएलपी सुप्रीमो
आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) का कहना है कि हम चाहते हैं कि कांग्रेस मुक्त राजस्थान हो. इसलिए गठबंधन के साथ हम चुनाव लड़े. मैं ये चाह रहा था कि खींवसर के अंदर आरएलपी इलेक्शन लड़े. चूंकि खींवसर आरएलपी की राजधानी है. मैं वहां से विधायक भी था. संयोजक भी हूं मान्यता भी वहीं से ही मिली है और मंडावा में चूंकि बीजेपी चुनाव जीती थी. तो मंडावा में बीजेपी का उम्मीदवार हो आरएलपी उसको समर्थन करेगी.

खींवसर से बीजेपी की जीत का दावा
सियासत में संभावनाओं के साथ समझदारियों का भी खेल होता है, पार्टियों को कार्यकर्ताओं की नब्ज भी टटोलनी होती है. बीजेपी कार्यकर्ता खींवसर सीट पर गठबंधन के साथ चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं. कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं का दावा है कि वो खींवसर से बीजेपी की सीट निकाल लेंगे. 

बीजेपी कार्यकर्ताओं का यह है कहना
बीजेपी नेता दुर्ग सिंह चौहान का कहना है कि कुछ नेता अपने स्वार्थ की आड़ में इस गठबंधन को अगर मोड़ देते हैं. तो पार्टी के लिए वहां के कार्यकर्ताओं के लिए समाचार अच्छे नहीं होंगे. परिणाम आने वाले वक्त में अच्छे नहीं होंगे. हम दावा करते हैं कि खींवसर की सीट हम बीजेपी को पार्टी को हम दे सकते हैं.

खींवसर की जनता नहीं चाहती गठबंधन
वहीं बीजेपी कार्यकर्ताओं का कहना है कि जनता गठबंधन के तौर पर चुनाव को नहीं देखना चाहती है. बीजेपी कार्यकर्ता कैप्टन कालू सिंह का कहना है कि गठबंधन करने से तो नुकसान ही है, खींवसर की जनता जनता गठबंधन नहीं चाहती है.

बीजेपी नेतृत्व के साथ दुविधा
खींवसर सीट की खींचतान में बेनीवाल गठबंधन की दुहाई दे रहे हैं. तो बीजेपी के सामने कार्यकर्ताओं का सवाल है. ऐसे में बीजेपी के लिए बड़ा सवाल है कि क्या बीजेपी 'हनुमान' के लिए खींवसर का मैदान छोड़ेगी, अगर छोड़ेगी तो फिर कार्यकर्ताओं को कैसे मनाएंगी.

Muzammil Ayub, News Desk