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राजस्थान: पीएम मोदी के मंत्रीमडंल में जल शक्ति मंत्री का पद संभालेंगे गजेंद्र सिंह शेखावत

शेखावत ने गुरुवार को मंत्री मंडल के अन्य सदस्यों के साथ शपथ ग्रहण समाहरो में शपथ ग्रहण की थी. जिसके बाद शुक्रवार को मंत्री मंडल की घोषणा की गई. 

राजस्थान: पीएम मोदी के मंत्रीमडंल में जल शक्ति मंत्री का पद संभालेंगे गजेंद्र सिंह शेखावत
फाइल फोटो

नई दिल्ली: बीजेपी के दिग्गज नेताओं में शामिल गजेंद्र सिंह शेखावत को पीएम मोदी के मंत्रीमंडल में जल शक्ति मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है. आपको बता दें,  3 अक्टूबर 1967 को जन्मे शेखावत पिछली मोदी कैबिनेट में कृषि राज्य मंत्री रह चुके हैं. इसके अलावा भाजपा राष्ट्रीय किसान मोर्चा में वो महासचिव भी हैं.

शेखावत ने गुरुवार को मंत्री मंडल के अन्य सदस्यों के साथ शपथ ग्रहण समाहरो में शपथ ग्रहण की थी. जिसके बाद शुक्रवार को मंत्री मंडल की घोषणा की गई. यहां आपको बता दें, कि अमित शाह को गृहमंत्री और राजनाथ सिंह को रक्षा मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है. 

इसके अलावा राजस्थान के बीकानेर से सांसद अर्जुनराम मेघवाल और बाड़मेर लोकसभा से एमपी कैलाश चौधरी को भी मंत्री मंडल में अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं. एक ओर जहां अर्जुनराम मेघवाल को संसदीय कार्य और उद्योग और सार्वजनिक उद्यम में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं दूसरी ओर कैलाश चौधरी को कृषि मंत्रालय और किसान कल्याण में राज्य मंत्री का पदभार सौंपा गया है. 

बता दें, राजस्थान के राजपूत परिवार से आने वाले शेखावत का महरौली के सीकर से पुश्तैनी जुड़ाव रहा है. उनके पिता शंकर सिंह शेखावत राज्य के प्रशासनिक अधिकारी थे. 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान शेखावत ने राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत को 2 लाख वोटों से मात दी. जिससे राजस्थान के सीएम को धक्का लगा. शेखावत ने यह चुनाव 2, 74, 440 वोटों से जीता.

इससे पहले 2014 के लोकसभा चुनाव में भी शेखावत ने जीत दर्ज की थी. इस दौरान उन्होंने 4,10,051 वोटों से चुनावी जीत दर्ज की थी. उन्हें संघ और भारतीय जनता पार्टी का काफी नजदीकी माना जाता है. 2017 सितंबर में मोदी कैबिनेट में शामिल हुए शेखावत ने अपनी राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीती से की थी. इस दौरान 1992 में जय नारायण व्यास विश्वविघालय छात्र संघ के वो अध्यक्ष भी बने. इस दौरान राजनीति के अलावा सामाजिक कार्यो में भी भाग लेते रहे.

2014 में लोकसभा चुनाव जीतने के बाद उन्हे वित्त संबंधित मामलों का सदस्य बनाया गया. इसके साथ ही स्वदेशी जागरण मंच के कार्यक्रमों में भी उनकी काफी सहभागिता रही. एक सांसद के रुप में शेखावत को 5 उन सांसदों की सूची में शामिल किया गया जिन्होंने संसद में होने वाली बहस में सबसे ज्यादा हिस्सा लिया.