राजस्थान: शिक्षकों और सरकार के बीच तकरार, लगाया दुर्भावना से तबादले करने का आरोप

शिक्षक संघ रुक्टा राष्ट्रीय के आंदोलन को अब राजस्थान यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन ने अपना समर्थन दिया है. 

राजस्थान: शिक्षकों और सरकार के बीच तकरार, लगाया दुर्भावना से तबादले करने का आरोप
शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी शिक्षकों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया हैं.

जयपुर: पिछले दिनों उच्च शिक्षा में हुए तबादलो के बाद से ही लगातार सरकार और शिक्षकों के बीच तकरार बढ़ती जा रही है. प्रदेशभर के करीब ढाई सौ से ज्यादा शिक्षक इन तबादलों के विरोध में खुलकर सरकार के विरोध में उतर चुके हैं. अपना विरोध जताने के लिए आज शिक्षक संघ रुक्टा ने राजस्थान यूनिवर्सिटी पर एक दिवसीय सांकेतिक धरना देकर सरकार का विरोध जताया.

शिक्षकों ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस सरकार ने दुर्भावना के चलते करीब ढाई सौ ऐसे शिक्षकों का तबादला दूरस्थ जिलों में किया है जो संघ से जुड़े हुए हैं. वहीं कांग्रेस के उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी इन तबादलों को नियमों और प्रक्रिया के तहत करार दे रहे हैं.

पिछले दिनों उच्च शिक्षा में करीब 800 से ज्यादा शिक्षकों के तबादलों के बाद लगातार विवाद गहराता जा रहा है. संघ का संगठन माना जाने वाले शिक्षक संघ रुक्टा राष्ट्रीय के करीब ढाई सौ से ज्यादा शिक्षकों के तबादलों के बाद सरकार पर दुर्भावनापूर्ण तबादले करने के आरोप लग रहे हैं. रुक्टा राष्ट्रीय के महामंत्री नारायण लाल गुप्ता ने कहा कि संघ के जुड़े हुए शिक्षकों का तबादला सरकार ने अपने गृह जिले से करीब 400 से 500 किलोमीटर तक कर दिया है, जबकि जिन कॉलेजों में तबादला किया है उनके बीच में पड़ने वाले दर्जनों कॉलेजों में शिक्षकों की कमी होने के बाद भी उनका तबादला दूरस्थ जिलों में किया गया है. इसके साथ ही नारायण लाल ने चेतावनी देते हुए सरकार से कहा की अगर उनके तबादलों को निरस्थ नहीं किया गया तो एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा.

शिक्षक संघ रुक्टा राष्ट्रीय के आंदोलन को अब राजस्थान यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन ने अपना समर्थन दिया है. राजस्थान यूनिवर्सिटी में दिए जा रहे एक दिवसीय सांकेतिक धरने में एसोसिएशन के शिक्षक भी शामिल हुए. एसोसिएशन के अध्यक्ष जयंत सिंह ने कहा की शिक्षा से राजनीति को दूर रखना चाहिए. ऐसे में इन शिक्षकों के दुर्भावना से हुए तबादलों को लेकर विरोध में उतरे हैं. साथ ही आगे के आंदोलन में भी पूरी तरह से साथ दिया जाएगा.

प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी शिक्षकों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को निराधार करार दे रहे हैं. उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी का कहना है की तबादले नियमों और प्रक्रिया के तहत किए जा रहे हैं और जिन स्कूलों में शिक्षकों की ज्यादा कमी है वहां पर शिक्षक लगाना सरकार की पहली प्राथमिकता हैं. इसके साथ ही उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि अगर किसी शिक्षक को तबादलों से कोई परेशानी है तो वो सरकार से आकर बात करे.

बहरहाल, सरकार बदलने के साथ ही तबादलों का ऐसा दौर शुरू हो चुका है और संघ समर्थित शिक्षक अब कांग्रेस सरकार पर दुर्भावना के आरोप लगा रहे हैं. ऐसे में परीक्षाओं के बीच सरकार और शिक्षकों का ये झगड़ा कहीं परीक्षार्थियों पर भारी ना पड़ जाए.