close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

राजस्थान: अवैध पशुओं पर नगर निगम को कार्रवाई करना पड़ा महंगा, धरने पर बैठे पूर्व मंत्री

कालीचरण सराफ जप्त जानवरों को रिहा करने की मांग और निगम के द्धेषपुर्ण रवैय के खिलाफ धरने पर बैठे.

राजस्थान: अवैध पशुओं पर नगर निगम को कार्रवाई करना पड़ा महंगा, धरने पर बैठे पूर्व मंत्री
फाइल फोटो

जयपुर: शहर की राजनीति में अब आवारा जानवर भी शामिल हो चुके हैं. जयपुर नगर निगम के दस्ते नें सोमवार को मालवीय नगर इलाके में गुर्जर बस्ती से 16 जानवरों को क्या जप्त कर लिया. वहीं आक्रोशित पशु डेयरी मालिकों नें निगम के एक कर्मचारी और उसके वाहन को पकड़ हाथ साफ कर दिया और स्थानिय विधायक कालीचरण सराफ को इस घटना की जानकारी दी. जिसके बाद मालवीय नगर विधायक कालीचरण सराफ मौके पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए. जप्त जानवरों को छुड़वाने की मांग को लेकर विधायक कालीचरण सराफ और उनके समर्थक धरने बैठ गए और जानवरों को छोड़ने के बाद ही निगम के पशुधन नियंत्रक राकेश गुप्ता को छोड़ने की बात पर अड़े रहें.

कालीचरण सराफ जप्त जानवरों को रिहा करने की मांग और निगम के द्धेषपुर्ण रवैय के खिलाफ धरने पर बैठे. कालीचरण सराफ के धरने पर बैठके की सूचना मिलते ही मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र के बीजेपी पार्षद सर्वेश लोहिवाल, चंद्रभाटिया, महिला आयोग की पुर्व अध्यक्ष सुमन शर्मा, डिप्टी मेयर मनोज भारद्धाज, बीजेपी शहर अध्यक्ष  मोहन लाल गुप्ता और पुर्व शहर अध्यक्ष संजय जैन भी धरने में शामिल हुए. इस दौरान विधायक कालीचरण सराफ नें टोंक रोड जाम करने तक की भी चेतावनी दे डाली. हालांकि बाद में आवारा जानवरों को रिहा करने के आश्वासन के बाद सराफ माने.

महिला आयोग की पुर्व अध्यक्ष सुमन शर्मा नें निगम के ऐसे रवैय पर नाराजगी प्रकट की. सुमन शर्मा नें कहा कि नगर निगम किसी के घर में बिना नोटिस दिए कैसे घूसकर जानवरों को पकड़ सकता हैं. कार्रवाई से पहले निगम को नोटिस देना चाहिए. शहर में हजारों आवारा जानवर हैं. निगम उन जानवरो को क्यों नहीं पकड़ता हैं.

बता दें, शुक्रवार को भी निगम का दस्ता गुर्जर बस्ती में अवैध पशु डेयरियों पर कार्रवाई करने के लिए गया था लेकिन डेयरी मालिकों नें जप्त जानवरों को गाड़ियों में से मुक्त करवा लिया और निगम के कर्मचारीयों के साथ मारपीट की थी जिसके बाद निगम प्रशासन नें 2 डेयरी मालिकों के खिलाफ मामला भी दर्ज करवाया था.