राजस्थान: जलदाय विभाग को नही लगेगी राजस्व की चपत, नई पाइप लाइन डालने से होगा फायदा

जवाहनगर का दिल्ली बाईपास रोड से सटे टीला नंबर जीरो से झालाना मोड़ की तरफ तक टीला नंबर सात का क्षेत्र मालवीयनगर विधानसभा क्षेत्र है. 

राजस्थान: जलदाय विभाग को नही लगेगी राजस्व की चपत, नई पाइप लाइन डालने से होगा फायदा
स्वच्छ पेयजल लेने के लिए स्थानीय लोगों को नए कनेक्शन करवाने होंगे. (फाइल फोटो)

जयपुर: शहर के आदर्शनगर विधानसभा क्षेत्र में हार और जीत का फैसला करने में बड़ा वोट बैंक माने जाने वाले जवाहरनगर बस्ती क्षेत्र के लोगों की सेहत से अब खिलवाड़ नहीं होगा. लोकसभा चुनाव से पहले सरकार ने यहां मेहरबानी दिखाते हुए लोगों की सुध ले ली है. स्थानीय बाशिंदों को स्वच्छ पेयजल मुहैया करवाने के लिए यहां काम शुरू कर दिया गया है. इससे न केवल जवाहरनगर के सभी टीलों पर बसी कॉलोनियों के लोगों को साफ और प्रेशर से पानी मिल सकेगा, बल्कि विभाग को भी पिछले कई सालों से लग रही राजस्व चपत अब नहीं लगेगी.

जवाहनगर का दिल्ली बाईपास रोड से सटे टीला नंबर जीरो से झालाना मोड़ की तरफ तक टीला नंबर सात का क्षेत्र मालवीयनगर विधानसभा क्षेत्र है. इस एरिया में पिछले कई सालों से घरों में टेल एंड पर पानी नहीं आने और पाइपलाइनों के नालियों से गुजरने के कारण दूषित पानी आने की समस्या से परेशान हैं. पेयजल आपूर्ति की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण अभी तक इस क्षेत्र का अधिकांश एरिया मुफ्त में ही पानी पी रहा है. इस एरिया में 40 से 50 हजार तक की आबादी है लेकिन ज्यादातर पानी के कनेक्शन अवैध हैं. इन कनेक्शनों से लोग बीसलपुर का पानी बिना बिल जमा करवाए ही पी रहे हैं. इससे जलदाय विभाग को भी लंबे समय से कोई आय नहीं होने से राजस्व की चपत लग रही है.

इस एरिया में दूषित पानी की समस्या और साफ पानी न पहुंचने की शिकायत को दूर करने के लिए विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन क्षेत्रीय विधायक अशोक परनामी द्वारा प्रयास किए गए थे. जिसके चलते एरिया में नई पेयजल लाइन डालने के प्रस्ताव को मंजूर किया गया था लेकिन आचार संहिता लग जाने से कामकाज शुरू ही नहीं हो पाया. जिसके बाद अब नए विधायक रफीक खान के प्रयास से कामकाज शुरू हो गया है. जवाहगर नगर के टीला नंबर जीरो से टीला नंबर सात तक 10 इंच की डीआई लाइन डाली जा रही है. इस काम को जवाहरनगर सेक्टर चार स्थित पंपहाउस और जवाहनगर के सेक्टर तीन स्थित पंपहाउस से जोड़ा जाएगा. फिर डिस्ट्रीब्यूशन लाइन से नए कनेक्शन देकर घरों तक पेयजल आपूर्ति की जाएगी.

नई डीआई लाइन डालने के बाद इस क्षेत्र में अभी तक चल रहे पानी के अवैध कनेक्शन पुरानी लाइन से पेयजल आपूर्ति को बंद कर दिया जाएगा. प्रेशर के साथ स्वच्छ पेयजल लेने के लिए स्थानीय लोगों को नए कनेक्शन करवाने होंगे. तभी जाकर उन्हें पानी मिल सकेगा. नए कनेक्शन होने से विभाग को पेयजल आपूर्ति के बदले लग रही राजस्व की चपत नहीं लगेगी और बिल का भुगतान आने से राजस्व की प्राप्ति होगी. इस कामकाज पर करीब सवा चार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. इस काम के पूरा होने के बाद आए दिन गंदा पानी आने की समस्या से जूझ रहे स्थानीय बाशिंदों को साफ पानी मिलेगा. जिससे उनकी सेहत के साथ हो रहा खिलवाड़ नहीं हो सकेगा.