डूंगरपुर: रामसागडा थाना पुलिस ने एक और बच्चे को लिया गोद, हर किसी ने की तारीफ

 रामसागडा थाना पुलिस ने 22 जुलाई को 3 अनाथ बच्चों को गोद लेकर उन बच्चों को भी मुस्कान संस्थान में रहने और खाने की व्यवस्था की. वहीं तीनों बच्चों को स्कूलों से भी जोड़ा गया है, जो कि आज स्कूल जाकर अपना भविष्य सुधार रहे हैं.

डूंगरपुर: रामसागडा थाना पुलिस ने एक और बच्चे को लिया गोद, हर किसी ने की तारीफ
डूंगरपुर पुलिस का सामाजिक सरोकार से जुड़ा ये पहला मामला नहीं है.

अखिलेश शर्मा, डूंगरपुर: जिला पुलिस ने सामाजिक निभाते हुए एक अनाथ बच्चे को गोद लेते हुए उसके रहने खाने और शिक्षा से जोड़ने की जिम्मेदारी उठाई है. इससे पहले भी 3 अनाथ बच्चों को रामसागडा पुलिस गोद लेकर शिक्षा से जोड़ चुकी है.

प्रदेश में कई ऐसे वाकये हुए हैं, जिससे राजस्थान की पुलिस की छवि आमजन में बिगड़ी है लेकिन प्रदेश के आदिवासी बहुल डूंगरपुर जिले की पुलिस सामाजिक सरोकार से जुड़े कई ऐसे काम कर रही है, जिसकी प्रशंसा हर कोई कर रहा है. बात अनाथ बेटी की शादी करवाने की हो या अनाथ बच्चों को गोद लेकर स्कूल से जोड़ने की, डूंगरपुर पुलिस सामाजिक सरोकार से जुड़ी अपनी जिम्मेदारी निभा रही है. वहीं अब जिले की रामसागडा थाना पुलिस ने एक बार फिर सामाजिक सरोकार निभाते हुए 1 अनाथ बच्चे को गोद लेते हुए उनके रहने खाने और शिक्षा से जोड़ने की जिम्मेदारी उठाई है. 

दरअसल, डूंगरपुर जिले के रामसागडा थाना के पुलिस विभाग की ओर से चलाये जा रहे विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत 1 अनाथ बच्चे की जिंदगी संवारने का बीड़ा उठाया गया है. रामसागडा थाना पुलिस के पास आड़ीवाट गांव के एक अनाथ बच्चे विशाल डामोर के माता-पिता ने करीब 3 साल पहले नाता प्रथा के तहत नाता विवाह कर लिया था और तब से अपने दादा-दादी के पास रह रहा था लेकिन दादा-दादी भी बूढ़े होने और आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने से उसकी देखभाल करने में परेशानी आ रही थी. 

पढ़ाई की भी जिम्मेदारी ली है
इधर जब मामले की जानकारी रामसागडा थानाधिकारी परमेश्वर पाटीदार को मिली तो थानाधिकारी परमेश्वर पाटीदार ने सामाजिक सरोकार निभाते हुए बच्चे को गोद लेते हुए उनकी जिम्मेदारी ली. थानाधिकारी परमेश्वर पाटीदार ने बताया बच्चे को गोद लेकर चाइल्ड लाइन और जिला बाल कल्याण समिति का सहयोग लेते हुए बच्चे को मुस्कान संस्थान में उनके रहने और खाने की व्यवस्था की. वहीं उनकी पढ़ाई की भी जिम्मेदारी ली है. अब बच्चे को स्कूल में प्रवेश दिलाते हुए शिक्षा से जोड़ा जाएगा और उनके लालन-पालन में पुलिस पूरा सहयोग करेगी.

तीनों बच्चों को स्कूलों से भी जोड़ा गया 
रामसागडा पुलिस द्वारा सामाजिक सरोकार निभाने का ये पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी रामसागडा थाना पुलिस ने 22 जुलाई को 3 अनाथ बच्चों को गोद लेकर उन बच्चों को भी मुस्कान संस्थान में रहने और खाने की व्यवस्था की. वहीं तीनों बच्चों को स्कूलों से भी जोड़ा गया है, जो कि आज स्कूल जाकर अपना भविष्य सुधार रहे हैं.

बेटी के हाथ भी करवाए पीले
डूंगरपुर पुलिस का सामाजिक सरोकार से जुड़ा ये पहला मामला नहीं है. इससे पहले कोतवाली थानाधिकारी ने थाणा गांव में स्कूली छात्रा के घर पर बिजली नहीं होने से चिमनी में पढ़ाई करने की दुविधा सामने आने पर दो दिन में घर में बिजली कनेक्शन कराया. चितरी थानाधिकारी अजय सिंह राव ने एक अनाथ बेटी के हाथ पीले करवाए. 

बहराल डूंगरपुर पुलिस तो इस तरह के सामाजिक सरोकार से जुड़े काम करके पुलिस की अलग छवि जनता के सामने पेश कर रही है. ऐसे में आवश्यकता है प्रदेश की अन्य पुलिस भी डूंगरपुर पुलिस से प्रेरणा लेकर सामाजिक सरोकार से जुड़े मामलो में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाए.