RAS परीक्षार्थीयों का आमरण अनशन है जारी, गहलोत सरकार ने नहीं की सुनवाई

2016 में 725 पदों पर आरएएस की भर्ती का रिजल्ट आने के बाद भी अब तक परिक्षा परिणाम अटका पड़ा है.

RAS परीक्षार्थीयों का आमरण अनशन है जारी, गहलोत सरकार ने नहीं की सुनवाई
आमरण अनशन पर बैठे 10 चयनित अभ्यर्थी में से तीन की तबीयत बिगड़ चुकी थी. (फाइल फोटो)

ललित कुमार, जयपुर: आरएएस 2016 भर्ती प्रक्रिया तीन साल बीत जाने के बाद भी पूरा होने का नाम नहीं ले रही है. 17 अक्टूबर 2017 को मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद अप्रैल 2018 में साक्षात्कार से लेकर मेडिकल प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है. लेकिन महज 7 एसबीसी छात्राओं का मामला सुप्रीम कोर्ट में लम्बित होने के चलते 16 माह बीत जाने के बाद भी ये भर्ती प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो सकी है. 

जिसके बाद नियुक्ति की मांग को लेकर 725 चयनित अभ्यर्थी नियुक्ति की मांग को लेकर मुख्यमंत्री, राज्यपाल तक को गुहार लगा चुके हैं. लेकिन ना तो मामला सुप्रीम कोर्ट में साफ हो सका और ना ही इनको नियुक्ति मिली है. जिसके बाद अब हताश होकर ये चयनित अभ्यर्थी आमरण अनशन का रास्ता अपना चुके हैं.

2016 में 725 पदों पर RPSC ने निकाली थी भर्ती, इंतजार में चयनित कैंडिडेट

आरपीएससी की ओर से वर्ष 2016 में 725 पदों पर आरएएस की भर्ती निकाली गई थी और इसकी प्रारंभिक परीक्षा 28 अगस्त 2016 और मुख्य परीक्षा 27,28 मार्च 2017 को आयोजित हुई. जिसके बाद मुख्य परीक्षा का परिणाम 17 अक्टूबर 2017 को जारी कर दिया गया. लेकिन एसबीसी की कट ऑफ को लेकर मामला हाईकोर्ट पहुंचा. जिसके बाद हाईकोर्ट से मामला निस्तारित होने के बाद अप्रैल 2018 से पहले आरपीएससी की ओर से मेडिकल सहित अन्य प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया. लेकिन ये मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा है. जिसके बाद 725 चयनितों आज तक नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं.

सरकार के वादाखिलाफी के बाद राजधानी में धरना है जारी

नियुक्ति की मांग को लेकर बीते एक महीने से कैंडिडेट लगातार धरना जारी है. इस दौरान 15 दिनों से नियुक्ति की मांग को लेकर राजस्थान यूनिवर्सिटी में ये चयनित डेरा डाले बैठे हैं. आपको बता दें कि, पिछले सप्ताह शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार के प्रतिनिधि के रूप में चयनित उम्मीदवारों से मुलाकात कर 3 दिन में सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र लगाने की बात कही. लेकिन इस बात को भी 5 दिन बीत जाने के बाद राज्य सरकार के वायदा पूरा न करने के बाद चयनित अभ्यर्थियों ने अब आमरण अनशन पर बैठने का ऐलान किया है. शुक्रवार को 10 चयनित अभ्यर्थी आमरण अनशन पर बैठे जिनमें से तीन की तबीयत बिगड़ चुकी थी. जिसके बाद एक छात्रा को एसएमएस अस्पताल में भर्ती करवाया तो दो की जांच धरनास्थल पर ही की गई है.

भर्ती की सभी प्रक्रिया हो चुकी है पूरी, लेकिन नियुक्ति का है अब भी इंतजार

16 महीनों से नियुक्ति की मांग कर रहे चयनित अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया की पिछली सरकार ने भी इस समस्या का कोई समाधान नहीं किया. वहीं, नई सरकार को भी आए दो महीनों का समय बीत चुका है. लेकिन सुप्रीम कोर्ट में कोई ठोस पैरवी को लेकर कदम नहीं उठाए गए हैं. जिसके बाद भविष्य के ये 725 प्रशासनिक अधिकारी नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन की राह पर हैं.