बीजेपी ने गिनाईं गहलोत सरकार की नाकामियां, पूनिया बोले- जश्न मनाने का अधिकार नहीं

पूनिया ने कहा कि उनकी पार्टी 11 बजे से 4 बजे तक धरना देना चाहती थी लेकिन विरोध से घबराई सरकार ने इसकी इज़ाजत नहीं दी और धरने को सिर्फ 2 बजे तक सीमित कर दिया. पूनिया ने कहा कि सरकार विद्वेष की राजनीति कर रही है. 

बीजेपी ने गिनाईं गहलोत सरकार की नाकामियां, पूनिया बोले- जश्न मनाने का अधिकार नहीं
पूनिया ने इस दौरान नागरिकता कानून में हुए संशोधन को लागू करने की मांग भी रखी.

जयपुर: राज्य सरकार (State Government) एक साल का जश्न मनाते हुए अपनी उपलब्धियां गिना रही है तो विपक्ष के नाते बीजेपी (BJP) भी अपनी रवायत निभाती दिखी. प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी के नाते बीजेपी ने सरकार के एक साल के कामकाज पर सवाल उठाए. 

बीजेपी ने प्रदेश के सभी ज़िलों में सांकेतिक उपवास और धरना दिया तो प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया (Satish Poonia) ने सरकार के जश्न पर सवाल उठाए. पूनिया ने कहा कि एक साल में सरकार फेल रही है कि उसे जश्न मनाने का कोई अधिकार ही नहीं है. पूनिया ने सरकार पर विद्वेष की राजनीति के आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने उन्हें पांच घंटे तक उपवास की अनुमति नहीं देकर सभी तरह के विरोध को दबाने की अपनी मंशा जता दी है.

सरकार के एक साल के जश्न के जवाब में बीजेपी ने सांकेतिक उपवास किया. सभी ज़िला मुख्यालयों पर गांधी प्रतिमा या अंबेडकर प्रतिमा के सामने बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने निर्देश दिए थे और इसकी पालना में जयपुर में भी गांधी सर्किल पर धरना हुआ. खुद प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया भी उपवास में शामिल हुए.

पूनिया ने कहा कि उनकी पार्टी 11 बजे से 4 बजे तक धरना देना चाहती थी लेकिन विरोध से घबराई सरकार ने इसकी इज़ाजत नहीं दी और धरने को सिर्फ 2 बजे तक सीमित कर दिया. पूनिया ने कहा कि सरकार विद्वेष की राजनीति कर रही है. 

इस बार कलेक्ट्रेट की बजाय बीजेपी का धरना गांधी सर्किल पर हुआ. महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने उपवास पर बैठे बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि सरकार वैसे तो विपक्ष की बात सुन नहीं रही लेकिन जिस तरह मुख्यमंत्री की छवि गांधीवादी बनाई गई है, उसे देखते हुए बीजेपी ने गांधी प्रतिमा के सामने धरना दिया, जिससे गांधीजी को ही अपनी बात सुना दी जाए. 

वित्तीय प्रबंधन पर भी उठाए सवाल
पूनिया ने कहा कि आमतौर पर किसी सरकार के खिलाफ़ तीन-चार साल बाद ही एन्टी इनकम्बेन्सी बनती है लेकिन इस बार तो सरकार के खिलाफ़ पहले साल में ही माहौल बनने लगा है. पूनिया ने कहा कि प्रदेश में बीते एक साल में सरकार लॉ एण्ड ऑर्डर में पूरी तरह फेल रही है, किसान और बेरोजगार परेशान हैं. वित्तीय प्रबंधन अब कुप्रबंधन में तब्दील हो गया है. एक लाख 76 हज़ार मुकदमे दर्ज हुए हैं. पूनिया ने कहा कि सरकार नाकाम क्यों हुई, इस बात का जवाब बीजेपी गांधी प्रतिमा के सामने मांग रही है. उन्होंने कहा कि सरकार को जश्न मनाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं.

टोल व्यवस्था को हटाने की मांग भी की
पूनिया ने इस दौरान नागरिकता कानून में हुए संशोधन को लागू करने की मांग भी रखी. इस दौरान बीजेपी ने बिजली की दरों में बढ़ोतरी वापस लेने, किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी, बेरोजगारों को भत्ता देने और स्टेट हाईवे पर शुरू की गई टोल व्यवस्था को हटाने की मांग भी की. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में भी अगर हालात नहीं सुधरे तो बीजेपी जल्द ही सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए आंदोलन भी शुरू करेगी.