राजस्थान: प्रभारी सचिवों को अब अन्य दो जिलों के भी करने होंगे दौरे

हाल ही में मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से संवाद के दौरान तीन आईएएस अधिकारियों को जिलों के दौरे नहीं करने पर नाराजगी झेलनी पड़ी थी. वहीं सरकार ने उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा था.

राजस्थान: प्रभारी सचिवों को अब अन्य दो जिलों के भी करने होंगे दौरे
तीन आईएएस अधिकारियों को जिलों के दौरे नहीं करने पर नाराजगी झेलनी पड़ी थी.

जयपुर: जिलों के दौरों को खानापूर्ति समझने वाले प्रभारी सचिवों की मुश्किलें बढ़ने वाली है. अब सरकार प्रभारी सचिवों को अन्य जिलों के दौरों की भी जिम्मेदारी देने वाली है. वहीं इसकी रिपोर्ट भी सरकार को हर महीने देनी होगी.

सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम जनता को मिल रहा है या नहीं, इसका जायजा लेने के लिए सरकार की आईएएस अधिकारियों को अलग-अलग जिलों का दौरा करना होता है. कई अधिकारी दौरों में खानापूर्ति करते हैं. जिससे धरातल पर सरकार की योजनाएं कितनी लागू हो रही हैं या नहीं, इसकी सही मॉनिटरिंग नहीं हो पाती. अब खानापूर्ति करने वाले अफसरों की मुश्किलें बढ़ने वाली है. जल्द ही सरकार का नया आदेश आएगा, जिसके बाद प्रभारी सचिवों को प्रभार वाले जिलों के अलावा दो अन्य जिलों के भी दौरे करने पड़ेंगे. 

सरकार के नए आदेश के बाद प्रभारी सचिवों को बदल-बदल कर अन्य दो जिलों के दौरे करने पड़ेंगे, जहां प्रभार वाले जिलों में अधिकारी सभी योजनाओं की समीक्षा करेंगे. वहीं अन्य दो जिलों में खुद के विभाग की योजनाओं का काम कैसे चल रहा है इसकी मॉनिटरिंग करेंगे. खुद के विभाग की मॉनिटरिंग अधिकारी अच्छी तरह कर सकते हैं. वहीं अधिकारियों को अपनी रिपोर्ट सरकार को देगी होगी. इसके बाद प्रभारी सचिव और अन्य अधिकारियों की रिपोर्ट का भी मिलान होगा. ऐसे में दौरों को हल्के में लेने वाले अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ सकती है. 

हाल ही में मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से संवाद के दौरान तीन आईएएस अधिकारियों को जिलों के दौरे नहीं करने पर नाराजगी झेलनी पड़ी थी. वहीं सरकार ने उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा था. सरकार की फटकार के बाद एक अधिकारी ने तो जिले का दौरा कर सरकार को रिपोर्ट भी भेज दी. सरकार की मंशा है कि जनकल्याकारी योजनाओं का लाभ आम जनता को मिलना चाहिए.