राजस्थान: गुर्जर आंदोलन के तीसरे दिन हुई आगजनी, करौली व धौलपुर में धारा 144 लागू

गुर्जर नेता सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्‍थानों में प्रवेश के लिए पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहे हैं. 

राजस्थान: गुर्जर आंदोलन के तीसरे दिन हुई आगजनी, करौली व धौलपुर में धारा 144 लागू
फोटो सौजन्य: ANI

जयपुर: राजस्थान में पांच प्रतिशत आरक्षण को लेकर गुर्जर नेता रविवार को तीसरे दिन भी आंदोलन पर रहे. इस दौरान धौलपुर में कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस के तीन वाहनों को आग के हवाले कर दिया और हवा में गोलियां चलाईं. प्रशासन ने एहतियात के तौर पर गुर्जर बहुल धौलपुर व करौली जिले में धारा 144 लगा दी है. 

इस बीच सरकार व आंदोलनकारियों के बीच कोई नया संवाद नहीं हुआ है. हालांकि, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि गुर्जर नेताओं को आगे आकर बातचीत शुरू करनी चाहिए. वहीं, गुर्जर नेता इसके लिए तैयार नहीं दिख रहे हैं. इस आंदोलन के कारण रविवार को भी कई ट्रेन रद्द करनी पड़ीं. कई जगह सड़क मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बाधित होने से लोग परेशान हुए. 

गुर्जर नेता सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्‍थानों में प्रवेश के लिए पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर शुक्रवार शाम को सवाईमाधोपुर के मलारना डूंगर में रेल पटरी पर बैठ गए. आंदोलनकारियों और सरकारी प्रतिनिधिमंडल में शनिवार को हुई बातचीत बेनतीजा रही. उसके बाद दोनों पक्षों में कोई संवाद नहीं हुआ है. गुर्जर नेता विजय बैंसला ने रविवार शाम को कहा, ''आंदोलनकारी पटरी पर बैठे हैं और उनकी तो कल हो, परसों या बीस दिन, आंदोलन पर डटे रहने की ही नीति है.'' 

बैंसला ने कहा कि शनिवार की बातचीत के बाद सरकार की ओर से उन्हें को संदेश या संकेत नहीं दिया गया है. बैंसला ने कहा, ''हमें सरकार के साथ कोई बात नहीं करनी है. हम आरक्षण की मांग कर रहे हैं उसे पूरा कर दिया जाए हम अपने घर चले जाएंगे.'' 

वहीं, मुख्यमंत्री गहलोत ने जयपुर में कहा, ''वार्ता के लिए सरकार के द्वार खुले हैं. मैं समझता हूं कि उन्हें (आंदोलनकारियों को) खुद आगे आकर बातचीत का सिलसिला शुरू करना चाहिए.'' गहलोत ने कहा कि बातचीत से ही बात आगे बढ़ती है और पहले भी इससे गुर्जर समाज के हित में कुछ फैसले हुए हैं. इसके साथ ही गहलोत ने धौलपुर में आगजनी की घटना की निंदा की और कहा कि स्थानीय प्रशासन देखेगा कि यह कैसे हुई और इसमें कौन कौन शामिल थे.

दरअसल, इस आंदोलन के बीच आंदोलनकारियों ने रविवार को धौलपुर जिले में आगरा-मुरैना राजमार्ग को बंद करने की कोशिश की. इस दौरान हवा में गोली चलाई गयी और पुलिस के तीन वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया. इस बीच पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) एम एल लाठर ने कहा है कि रास्ते अवरूद्ध करने के लिए विभिन्न लोगों के खिलाफ तीन मामले दर्ज किए गए हैं जबकि धौलपुर में दो और मामले दर्ज किए जा रहे हैं. धौलपुर के पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने आगरा-मुरैना राजमार्ग को अवरूद्ध कर दिया. उनके अनुसार कुछ हुड़दंगियों ने हवा में गोलियां चलाईं. इन लोगों ने पुलिस की एक बस सहित तीन वाहनों को आग के हवाले कर दिया. कुछ जवानों को चोट भी आई हैं.

वहीं, गुर्जर बहुल करौली व धौलपुर जिले में धारा 144 लगा दी गयी है. करौली की पुलिस अधीक्षक प्रीति चंद्रा ने कहा कि गुर्जरों की बड़ी आबादी को देखते हुए एहतियात के तौर पर जिले में निषेधाज्ञा लगाई गयी है. धौलपुर के एडीएम राजेश वर्मा ने बताया कि एहतियान पूरे जिले में रविवार को धारा 144 लगायी गयी है. इस आंदोलन का असर रेल सेवाओं पर पड़ा. उत्तर पश्चिम रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि रविवार को कम से कम दो ट्रेनों को रद्द किया गया है जबकि नौ ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है. आंदोलन के कारण उदयपुर से हजरत निजामुद्दीन और हजरत निजामुद्दीन से उदयपुर के बीच चलने वाली रेलगाड़ी को रद्द कर दिया गया है.

वहीं, इसी खंड में सात ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है और दो ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द किया गया है. गुर्जर आंदोलन का असर पश्चिम मध्य रेलवे की कुछ सेवाओं पर भी देखा गया. वहां कम से कम दो ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है.

(इनपुट भाषा से)