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राजस्थान विधानसभा में स्पीकर ने किया प्रश्नकाल में गतिरोध खत्म करने प्रयास

मंगलवार को भी प्रश्नकाल में भाजपा विधायक काली पट्टी बांधकर पहुंचे तो आसन पर मौजूद सी.पी जोशी ने आगे बढ़कर गतिरोध खत्म करने की पहल की.

राजस्थान विधानसभा में स्पीकर ने किया प्रश्नकाल में गतिरोध खत्म करने प्रयास
भाजपा के 16 विधायकों के सूचीबद्ध सवालों के भी जवाब नहीं आ पाए

भरत राज/जयपुर: विधानसभा में पिछले एक सप्ताह से अध्यक्ष और भाजपा और विधायकों के बीच चल रहा गतिरोध खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा. मंगलवार को भी प्रश्नकाल में भाजपा विधायक काली पट्टी बांधकर पहुंचे तो आसन पर मौजूद सी.पी जोशी ने आगे बढ़कर गतिरोध खत्म करने की पहल की. हालांकि, उनका यह प्रयास कामयाब तो नहीं हुआ, बल्कि जोशी और भाजपा विधायकों के बीच तकरार और बढ़ गई.  इस बीच भाजपा विधायक दल के उपनेता और अध्यक्ष जोशी के बीच सर्वदलीय बैठक में हुए निर्णय को लेकर भी तीखी तकरार हुई. 

अध्यक्ष ने सर्वदलीय बैठक में राजेन्द्र राठौड़ के शामिल होने और उसमें हुई चर्चा की याद दिलाई. इस पर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया बीच में बोले तो जोशी का पारा चढ़ गया और उन्होंने कहा कि क्या में सदन में असत्य बोल रहा हूं, मुझे झूठा साबित करने का प्रयास न करें. क्या आपको अपने उपनेता पर ज्यादा विश्वास है. जोशी की इस बात के बाद कटारिया और राठौड़ दोनों बैठ गए. इससे पहले उपनेता राजेन्द्र राठौड़ ने पूरक प्रश्न पर अन्य सदस्यों को भी शामिल करने की बात दोहराई तो जोशी ने उन्हें बिना अनुमति नहीं बोलने की हिदायत दी. हालांकि गतिरोध के चलते प्रश्नकाल में भाजपा विधायक मौन रहे. भाजपा के 16 विधायकों के सूचीबद्ध सवालों के भी जवाब नहीं आ पाए. ऐसे में 10 सवालों पर ही चर्चा हुई. 

प्रश्नकाल से पहले अध्यक्ष ने नियम 31 से अवगत कराया और कहा कि ज्यादा से ज्यादा प्रश्न पूछे जा सकें इसके लिए यह जरूरी है कि हम सहयोग करें. मुझे पता है कि मैंने कठिन निर्णय लिए, लेकिन आज सदन काफी ठीक तरीके से चल रहा है. इस सत्र में जो निर्णय लिए हैं उनको प्रभावशाली करने में आप मदद करें. नियम में लिखा हुआ कि एक प्रश्न के लिए 5 मिनट का समय काफी है. जिसका मैं पालन कर रहा हूं. 

नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा इसमें कोई दो राय नहीं है कि ज्यादा से ज्यादा प्रश्न आने चाहिए. जब सालों से यह परंपरा चली आ रही है तो अन्य विधायकों को भी पूरक प्रश्न पूछने का अधिकार मिलना चाहिए. अध्यक्ष जोशी हाथ में कानून की किताब लेकर आसन से खड़े हुए, कहा ये कानून मैंने तो नहीं बनाए. हो सकता परंपराएं टूट रही हो लेकिन मैं कानून के हिसाब से काम करूंगा. मैंने सदन शुरू होने से पहले सभी दलों की मीटिंग बुलाई. उसमें राजेंद्र राठौड भी आए थे. उसमें मैंने कहा था कि सदन चलाने के लिए दो पूरक प्रश्न हो सकेंगे.

इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल बोलने लगे. जिस पर विपक्ष ने आरोप जताया. अध्यक्ष सीपी जोशी ने कहा वो संसदीय कार्य मंत्री है वो नहीं बोलेंगे तो कौन बोलेगा. इसके बाद धारीवाल ने अध्यक्ष की व्यवस्थ का समर्थन किया और कहा कि यह सही है कि अध्यक्ष ने सर्वदलीय बैठक में कहा था कि सदन नियमों के तहत चलाना चाहता हूं. सदन में स्पीकर की रूलिंग को कोई चैलेंज नहीं कर सकता. नेता प्रतिपक्ष कटारिया ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में मैं नहीं था. इसके बाद जोशी आसन से खडे हुए और कहा कि इसका मतलब में असत्य बोल रहा हूं. क्या आपको उप नेता ज्यादा विश्वास है.

( इनपुट-शशिमोहन शर्मा, भरत राज)