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दूर होगी जयपुर की पानी की समस्या, 10 दिन में ट्यूबवेल प्रोजेक्ट शुरू करेगा जलदाय विभाग

बीसलपुर बांध में महज 22 फीसदी पानी बचा है. जलस्तर में रोजाना 1 सेमी की कमी आ रही है. धूप से भाप बनकर रोजाना पानी का जलस्तर कम हो रहा है.

दूर होगी जयपुर की पानी की समस्या, 10 दिन में ट्यूबवेल प्रोजेक्ट शुरू करेगा जलदाय विभाग
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर/ आशीष चौहान: पानी की किल्लत को देखते हुए जी मीडिया ने समय रहते हुए खबर प्रसारित कर अधिकारियों को चेताया तो जलदाय विभाग ने तुरंत 35 करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने के आदेश दे दिए. बीसलपुर बांध में पानी की कमी को देखते हुए जलदाय विभाग ने 279 ट्यूबवेल खोदने का फैसला लिया था, जिसकी स्वीकृति एक महीने पहले वित्त विभाग से मिल चुकी थी लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण ट्यूबवेल खोदने का काम शुरू नहीं हो पाया था. जब जी मीडिया ने अधिकारियों की लापरवाही की खबर प्रसारित की थी तो मुख्य अभियंता ने तुरंत आदेश दिए कि 10 दिन के भीतर ट्यूबवेल का काम शुरू हो जाएगा.

बीसलपुर बांध में महज 22 फीसदी पानी बचा है. जलस्तर में रोजाना 1 सेमी की कमी आ रही है. धूप से भाप बनकर रोजाना पानी का जलस्तर कम हो रहा है. ऐसे में समय रहते ट्यूबवेल की खुदाई नहीं हुई तो जयपुर में जलसंकट का खतरा पैदा हो सकता है. जलदाय विभाग के मुख्य अभियंता आईडी खान का कहना है कि "10 दिन के भीतर ट्यूबवेल खोदने का काम शुरू किया जाएगा. अधिकतर ट्यूबवेल द्रव्यवती रिवर फ्रंट के किनारे खोदे जाएंगे. इसके अलावा काम को जल्दी पूरा करने के लिए अलग अलग जगहों पर अलग अलग कांट्रेक्ट दिए गए है,ताकि काम एक ही ठेकेदार के भरोसे ना रहे. ज्यादातर नए ट्यूबवेल दक्षिण सर्किल में द्रव्यवती रिवर फ्रंट के किनारे खोदे जाएंगे."

इन ट्यूबवेल से रोजाना 4 करोड़ लीटर अतिरिक्त पानी मिल पाएगा. पानी के संकट को खत्म करने के लिए जलदाय विभाग ट्यूबवेल के जरिए पानी उपलब्ध करवाएगा. आने वाले दिनों में जयपुर को 4 एमएलडी पानी ज्यादा मिलेगा. शहर में अभी 420 एमएलडी (42 करोड़ लीटर) पेयजल सप्लाई किया जा रहा है. इसमें 320 एमएलडी पानी बीसलपुर बांध से और 100 एमएलडी पेयजल ट्यूबवैल से लिया जा रहा है. मुख्य अभियंता आईडी खान का कहना है कि "इन ट्यूबवेल्स के जरिए पहले पानी की टंकी में पानी सप्लाई होगा, उसके बाद कनेक्शन के जरिए घरों में पानी सप्लाई होगा. इसके अलावा पानी की किल्लत को खत्म करने के लिए जलदाय विभाग एक और प्रोजेक्ट लाएगा, जिसकी स्वीकृति अभी वित्त विभाग से मिलना बाकी है."