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टोंक: पुलिसकर्मियों ने की ट्रैक्टर चालक की पीट पीट कर हत्या, परिवार में आक्रोश

परासिया गांव निवासी भजनलाल मीना ट्रैक्टर से कही जा रहा था तब गणेती गांव के पास पुलिसकर्मियों द्वारा ट्रैक्टर चालक की लकड़ी फट्टे से मार कर बेरहमी से हत्या कर दी. 

टोंक: पुलिसकर्मियों ने की ट्रैक्टर चालक की पीट पीट कर हत्या, परिवार में आक्रोश
फाइल फोटो

टोंक/ पुरुषोत्तम जोशी: राजस्थान में खाकी के लगातार दागदार होने की तस्वीरे सामने आती जा रही है. बुधवार को एक बार फिर से राजस्थान के टोंक जिले के नगरफोर्ट थाना क्षेत्र में उनियारा पुलिस थानाधिकारी और कांस्टेबलों द्वारा एक ट्रेक्टर चालक की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है. इधर घटना की जानकारी मिलते ही देवली-उनियारा विधायक और पूर्व डीजीपी हरीश मीना मौके पर पहुंचे और घटना के विरोध में अपनी ही सरकार के खिलाफ नगरफोर्ट अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए.

परासिया गांव निवासी भजनलाल मीना ट्रैक्टर से कही जा रहा था तब गणेती गांव के पास पुलिसकर्मियों द्वारा ट्रैक्टर चालक की लकड़ी फट्टे से मार कर बेरहमी से हत्या कर दी. प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो थानाधिकारी सहित आधा दर्जन पुलिस के जवान सिविल ड्रेस में थे और एक निजी कार में सवार थे. मारपीट के दौरान जब ग्रामीण मौके की ओर दौड़े तब तक पुलिसकर्मियों ने युवक का शव वाहन में रख गाड़ियां दौड़ा ली और नगरफोर्ट अस्पताल में शव लाकर रखवा दिया. जैसे ही खबर परिजनों तक पहुंची तो उससे पहले एक जुट ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए और पुलिस थाने का घेराव कर प्रदर्शन करने लग गए. हद तो जब हो गई कि परिजनों की और विधायक की शिकायत के 7 घंटे बाद भी पुलिस अधिकारियों ने आरोपित पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज नहीं किया.

जैसे ही हादसे की सूचना देवली-उनियारा विधायक और पूर्व डीजीपी हरीश मीना को दूरभाष पर मिली तो देवली में आयोजित कार्यक्रम छोड़ कर विधायक नगरफोर्ट पहुंचे और पीड़ित परिवार के साथ धरने पर बैठ गए. पांच सूत्री मांगों को लेकर पीड़ित परिवार के साथ विधायक अपनी ही सरकार के खिलाफ लामबंद्ध हो गए और पुलिस और प्रशासन को दो टूक अल्टीमेटम देते हुए मृतक के आश्रितों को सरकारी नौकरी देने. मृतक परिवार के दोनों बच्चों के खाते में 20-20 लाख रूपए जमा करवाने, आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने, शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने की मांग की है. 

साथ ही जिले में चल रहे बजरी के गोरखधंधे में लिप्त दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सीआईडी से जांच की मांग भी रखी है. विधायक हरीश मीना ने पुलिस और जिला प्रशासन पर लापरवाही करने और अनदेखी करने के गम्भीर आरोप लगाए है. साथ ही कहा कि सात घंटे बाद भी पुलिस अधिकारियों ने ना तो मामला दर्ज किया ना ही कोई कार्रवाई की. जिससे आक्रोशित विधायक मीना अनिश्चितकालीन समय के लिए अस्पताल परिसर में ही टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए.