गुर्जर आरक्षण: मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने कहा- 'आंदोलनकारियों से बातचीत शुरू'

विश्वेंद्र ने सीएम अशोक गहलोत से बातचीत किए बगैर कुछ भी बोलने से इंकार किया.

गुर्जर आरक्षण: मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने कहा- 'आंदोलनकारियों से बातचीत शुरू'
गुर्जर समुदाय के लोगों ने आरक्षण की मांग को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन किया है. (फोटो साभार: ANI)

नई दिल्ली: गहलोत सरकार में मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने शनिवार को एएनआई से बातचीत में कहा है कि राज्य सरकार की गुर्जर समुदाय के लोगों से बातचीत की शुरूआत हो चुकी है. एएनआई की ट्वीट के अनुसार सवाई माधोपुर में गुर्जर समुदाय के लोगों की गतिविधियों के बाबत पूछे जाने पर सिंह ने यह बात कही.

उन्होंने कहा कि बातचीत शुरू हो चुकी है. मैं मानता हूं कि राज्य सराकर गुर्जर समुदाय की सारी समस्यओं को जल्द सुलझा लेगी. फिलहाल मैं इस मुद्दे पर सीएम अशोक गहलोत से बातचीत किए बगैर कुछ भी बोलने को अधिकृत नहीं हूं. 

सरकार का प्रतिनिमंड़ल पहुंचा था सवाई माधोपुर

राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ गुर्जर समुदाय के प्रतिनिधियों की बातचीत में कमेटी की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल बनाकर बातचीत करने की बात कही गई थी. इस दौरान राजधानी जयपुर में आकर सरकार के प्रतिनिधियों से बातचीत की गुजारिश आंदोलनकारियों ने ठुकरा दी. उनका कहना था कि वार्ता धरना स्थल पर ही होगी. 

इस दौरान मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि शनिवार रात को सीएम अशोक गहलोत से वो बातचीत करने जा रहे हैं. आंदोलनकारियों से इस मुद्दे पर रविवार को फिर से की वार्ता की जाएगी.  

बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

वहीं, इस मुद्दे पर बीजेपी नेता अरुण चतुर्वेदी ने एक प्रेसवार्ता कर कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा है. इस दौरान चतुर्वेदी ने कहा कि गुर्जरों ने एक महीने पहले ही सरकार को अल्टीमेटम दे दिया था. लेकिन सरकार ने इस मसले पर कुछ नहीं किया और आज परिणाम सबके सामने हैं. एक बार फिर से गुर्जरों के पटरी पर उतरने के बाद राज्य के लोग हलकान होने लगे हैं. इसके अलावा चतुर्वेदी ने कांग्रेस सरकार पर संवेदनहीनता का भी आरोप लगाया. 

उन्होंने कहा, ''कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में किसानों की कर्ज माफी और गुर्जरों के आरक्षण का वादा तो कर दिया. लेकिन अब कांग्रेस केन्द्र सरकार से इन वादों को पूरा करने का जोर डाल रही है. किसानों की कर्ज माफी के लिए जहां गहलोत सरकार केन्द्र से पैसा मांग रही है. लेकिन राज्य की जनता जानती है कि ये दोनों ही फैसले राज्य सरकार के हैं और केन्द्र इसमें कुछ नहीं कर सकती. 

उन्होंने यह भी कहा, ''बीजेपी सरकार ने अपने कार्यकाल में गुर्जरों को एक फीसदी आरक्षण दिया था. साथ ही उनकी अन्य मांगों पर भी पूरा ध्यान दिया. लेकिन कांग्रेस अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है. ''