राजस्थान के कुछ शहरों में NRC-CAA को लेकर उठे समर्थन के सुर

बूंदी में नागरिकता बिल के विरोध में लोगों ने विरोध प्रदर्शन कर सीएए और एनआरसी को सरकार से रद्द करने की मांग की. वहीं बीजेपी  ने विशाल रैली निकाल कर बिल का समर्थन किया. 

राजस्थान के कुछ शहरों में NRC-CAA को लेकर उठे समर्थन के सुर
श्रीगंगागर में भी सर्व समाज के लोगों ने एक्ट के समर्थम में एक विशाल रैली निकाली

जयपुर: नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी को लेकर देशभर में बवाल मचा हुआ है. दिल्ली से लेकर यूपी, बिहार, असम और बंगाल तक इसकी गूंज सुनाई दे रही हैं. विरोध-प्रदर्शन के बीच हिंसा को लेकर तमाम सवाल भी उठ रहे हैं. लेकिन इन सबके बीच सीएए और एनआरसी के समर्थन में भी लोग सड़कों पर उतरने लगे हैं. बूंदी में नागरिकता बिल के विरोध में लोगों ने विरोध प्रदर्शन कर सीएए और एनआरसी को सरकार से रद्द करने की मांग की तो वहीं नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में बीजेपी और हिन्दु संगठनों ने विशाल रैली निकाल कर बिल का समर्थन किया. 

कोटा में केंद्र सरकार के नागरिक संशोधन एक्ट के समर्थन में हजारों लोग सांगोद में सड़कों पर उतरे और केंद्र सरकार को समर्थन दिया. बूंदी में नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के विरोध में सैकड़ों लोग इकट्ठा हुए और रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे. इस दौरान लोगों ने प्रदर्शन और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. लोगों ने इस कानून को रद्द करने की मांग की

बारां में नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में सुबह से ही बारां शहर की दुकानें बंद रही. लोगों ने इसके समर्थन में घंटाघर चौराहे से प्रताप चौक तक विशाल रैली निकल कर नागरिकता कानून  का समर्थन किया. इस दौरान लोगों ने हाथों में तिंरगा और तख्ती लेकर सरकार का समर्थन किया. कोटा के सांगोद में नागरिक संशोधन और एनआरसी बिल के समर्थन में लोगों ने सड़कों पर उतरकर धन्यवाद रैली निकाली. लोगों ने केंद्र के इस कदम का पुरजोर समर्थन किया. बाद में लोगों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा

श्रीगंगागर में भी सर्व समाज के लोगों ने एक्ट के समर्थम में एक विशाल रैली निकाली और जिला प्रशासन को ज्ञापन दिया. बीजेपी नेताओं का कहना हैं, कि 'नागरिकता संशोधन अधिनियम किसी भी व्यक्ति या धर्म की नागरिकता को प्रभावित नहीं करता है. यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने केन्द्र सरकार नागरिक संसोधन एक्ट को लेकर केंद्र सरकार पर तंज कसा. मंत्री शांति धारीवाल ने इस एक्ट को कानून विरोधी करार दिया. उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार अपनी मनमानी पर अड़ी हुई हैं. ये सेक्यूलिजम के खिलाफ लिया गया फैसला है. 

वहीं, सीएए और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शनों में हिंसा और आगजनी के चलते धर्मगुरुओं ने आमजन से और प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने की अपील की है. सीकर शहर के काजी मोहम्मद इब्राहिम मौलवी ने लोगों से शांतिशांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की. नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी को लेकर देश भर में संग्राम छिड़ा हैं. विरोध प्रदर्शन के बीच समर्थन में भी लोग सामने आने लगे हैं.