जयपुर: पुलिसकर्मियों को भरना पड़ता है पानी, कार्यक्षमता प्रभावित

पानी के लिए आम आदमी ही नहीं, पुलिसकर्मियों को भी संघर्ष करना पड़ रहा है. पुलिसकर्मियों को ड्यूटी पर जाने से पहले पानी भरना पड़ता है.  

जयपुर: पुलिसकर्मियों को भरना पड़ता है पानी, कार्यक्षमता प्रभावित
फाइल फोटो

विष्णु शर्मा, जयपुर: पानी के लिए आम आदमी ही नहीं, पुलिसकर्मियों को भी संघर्ष करना पड़ रहा है. पुलिसकर्मियों को ड्यूटी पर जाने से पहले पानी भरना पड़ता है. पुलिस मुख्यालय का मानना है कि पेयजल व्यवस्था सुचारू नहीं होने का असर पुलिस कर्मचारियों की कार्य क्षमता पर भी पड़ रहा है.
 
पुलिस महकमे की कुछ लाइन, ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के प्रशासनिक और आवासीय भवनों में पानी की किल्लत है. पुलिस मुख्यालय से एडीजी हाउसिंग ए. पोन्नूचामी ने राज्य सरकार को पत्र लिखा है. पत्र में उन्होंने पेयजल किल्लत के कारण कर्मचारियों की कार्य क्षमता वृद्धि पर भी असर पड़ने का उल्लेख किया है. दरअसल पूर्व में पेयजल व्यवस्था के लिए बिछाई गई पाइप लाइन पुरानी होने के कारण टूट-फूट गई है. इससे पेयजल व्यवस्था सुचारू नहीं हो रही और इन भवनों में कार्यरत और रहने वाले अधिकारी कर्मचारी एवं उनके परिवारजनों को बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. 

पुलिस अफसरों के सामने उठाया मुद्दा 
पुलिस हैडक्वार्टर (PHQ) के वरिष्ठ अधिकारी जिलों में विजिट पर गए तो पेयजल का मुद्दा उठाया गया. स्थानीय पुलिस कर्मचारियों ने अधिकारियों के सामने पेयजल की परेशानी बताई.
 
ड्यूटी पर जाने से पहले भरना पड़ता है पानी 
कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर जाने से पहले पानी की तलाश में स्वयं या अपने परिवार का समय जाया करते हैं. ऐसे में कभी-कभी काम पर जाने में उन्हें देरी हो जाती है. इन परिस्थितियों के मद्देनजर एडीजी ने पाइप लाइन बदलने, बोरवेल, स्टोरेज टैंक निर्माण के लिए 38.71 लाख की मंजूरी मांगी है.

यहां पानी की ज्यादा जरूरत 
-दौसा पुलिस लाइन में पाइप लाइन बदलना- 10 लाख 26 हजार
-चित्तौड़गढ़ पुलिस लाइन में पाइप लाइन बदलना- 19 लाख 48 हजार
-गंगानगर पुलिस लाइन में वाटर फिल्टर प्लांट,स्टोरेज टैंक- 5 लाख 27 हजार 
-पीटीएस अलवर नवनिर्मित प्रशासनिक भवन परिसर में बोरवेल- 3 लाख 70 हजार