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नेपाल, भूटान सीमा पर भारत विरोधी ताकतों को रोकने लिए SSB की होगी खुफिया शाखा

नेपाल और भूटान से लगी खुली सीमाओं पर पहरेदारी करने वाले एसएसबी को भारत विरोधी ताकतों की हरकतों को रोकने के लिए 650 एजेंटों वाली अपने तरह की पहली खुफिया शाखा मिली है. केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सीमा पहरेदारी और आतंरिक सुरक्षा ड्यूटी के लिए एक विशेष जासूसी शाखा गठित करने और तैनात करने के अर्द्धसैनिक बल के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है. 

  नेपाल, भूटान सीमा पर भारत विरोधी ताकतों को रोकने लिए SSB की होगी खुफिया शाखा
1962 के चीनी आक्रमण के बाद SSB का गठन किया गया था. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

नई दिल्ली : नेपाल और भूटान से लगी खुली सीमाओं पर पहरेदारी करने वाले एसएसबी को भारत विरोधी ताकतों की हरकतों को रोकने के लिए 650 एजेंटों वाली अपने तरह की पहली खुफिया शाखा मिली है. केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सीमा पहरेदारी और आतंरिक सुरक्षा ड्यूटी के लिए एक विशेष जासूसी शाखा गठित करने और तैनात करने के अर्द्धसैनिक बल के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है. 

'एसएसबी की संचालन क्षमता इससे बेहतर होगी '

सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने एक बयान में कहा कि एसएसबी की संचालन क्षमता इससे बेहतर होगी. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसके गठन की मंजूरी दी है. एसएसबी भारत - नेपाल के बीच 1,751 किमी लंबी सीमा और भारत - भूटान के बीच 699 किमी लंबी सीमा की पहरेदारी करता है.

1962 के चीनी आक्रमण के बाद एसएसबी का गठन किया गया था

बल अब इन दोनों सीमावर्ती इलाकों पर अपने खुफिया एजेंटों को प्रशिक्षण देगा और उनकी तैनाती करेगा. गौरतलब है कि बल में करीब 80,000 कर्मी हैं. 1962 के चीनी आक्रमण के बाद इसका गठन किया गया था.