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बांसवाडा: आजादी के 70 साल बाद भी अंधेरे में कैद है यह गांव, जानिए हाल

देश को आजाद हुए 70 साल से ज्यादा का समय बीत गया है. लेकिन इस गांव की हकीकत अब तक नहीं बदल सकी.

बांसवाडा: आजादी के 70 साल बाद भी अंधेरे में कैद है यह गांव, जानिए हाल
ढ़िबरी की रौशनी में पढ़ाई करने को मजबूर बच्चे.

बांसवाड़ा: देश को आजाद हुए 70 साल से ज्यादा का समय बीत गया है. डिजिटल इंडिया(Digital India) के दावे किए जा रहे हैं. हर घर में बिजली पहुंचाने का भी लक्ष्य रखा जा रहा है. लेकिन आजादी के 70 साल बाद भी राजस्थान(Rajasthan) में एक ऐसा गांव है. जहां के 100 से अधिक परिवार आज भी अंधेरे की कैद में हैं.

जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के जनजाति अंचल कहे जाने वाले बांसवाडा(Banswara) जिले के खेरडाबरा गांव में आज भी 100 से ज्यादा परिवारों को बिजली का इंताजार है. गांव वालों ने बिजली को लेकर कई बार विद्युत विभाग(Electricity Department), विधायक, जिला प्रशासन तक सभी को अवगत कराया है. लेकिन अब तक गांव में बिजली व्यवस्था नहीं हुई है.

मामले के अनुसार, खेरडाबरा गांव के लोग अब तक की सभी दिवाली में अपने घरों में उजाला नहीं कर पाए है. ग्रामीणों के मुताबिक शहर से कुछ ही दूरी पर गांव है. आधे इलाके मे बिजली पहुंच गई है. लेकिन उनकी बस्ती में बिजली अब तक नहीं पहुंची है. जिसकी वजह से ग्रामीण आज भी अंधेरे में रहने के मजबूर हैं.

गांव में बिजली ना होने की वजह से शाम व रात को खाना भी चिमनी से बनता है. बच्चे भी चिमनी जलाकर पढ़ने को मजबूर हैं. ग्रामीणों को उम्मीद है कि शायद सरकार इस दिवाली खेरडाबरा गांव के परिवारों के घरों में उजाला करने के लिए कोई ठोस कदम उठाए. जिससे खेरडाबरा गांव के लोगों को भी उजाला नसीब हो सके और इस दीवाली खेरडाबरा गांव भी रौशन हो सके.