'दादाजी' चले 72 साल की उम्र में इंग्लिश सीखने, 7वीं क्लास में लिया एडमिशन

देश की आजादी से 4 दिन पहले जन्मे 72 साल के दादाजी मुकुंद चारी ने इंग्लिश लिटरेचर में मास्टर्स के सपनें को पूरा करने के लिए सातवीं क्लास में एडमिशन लिया. 

'दादाजी' चले 72 साल की उम्र में इंग्लिश सीखने, 7वीं क्लास में लिया एडमिशन
प्रतीकात्मक फोटो

मुंबई: देश की आजादी से 4 दिन पहले जन्मे 72 साल के दादाजी मुकुंद चारी ने इंग्लिश लिटरेचर में मास्टर्स के सपने को पूरा करने के लिए सातवीं क्लास में एडमिशन लिया है. बच्चों के बीच दादाजी मुकुंद चारी चश्मा लगाए ग्रामर पढ़ते नजर आ रहे हैं. पेशे से सिक्योरिटी गार्ड रहे मुकुंद चारी ने मुंबई के फोर्ट सेंट ज़ेवियर नाइट स्कूल (रात्रि स्कूल) में दो महीने पहले एडमिशन लिया है. मुकुंद चारी को इंग्लिश पढ़न का इतना शौक है कि उन्हें बच्चों के साथ क्लास में बैठने में भी कोई परहेज नहीं है. वे उनके साथ दोस्ती वाला रिश्ता निभा रहे हैं.

इससे पहले मराठी भाषा में इलेवेंथ तक की पढाई कर चुके हैं मुकुंद चारी
लंबे समय तक रेलवे स्टेशन पर टी-स्टॉल लगाने वाले चारी मराठी मीडियम स्कूल से 11वीं तक की पढ़ाई कर चुके हैं. मुकुंद चारी ने बताया कि जब वे स्कूली पढ़ाई कर रहे थे उस दौरान भी इंग्लिश लिटरेचर में दाखिला लेने पहुंचे थे, लेकिन मराठी मीडियम में 11वीं तक की शिक्षा लेने की वजह से उन्हें यह मौका नहीं मिल पाया था. हालांकि उस दौर में इंग्लिश लिटरेचर पढ़ने में उनकी खराब माली हालत भी आड़े आ रही थी. इन सबके बीच मुकुंद के मन में इंग्लिश लिटरेचर पढ़ने की इच्छा बनी रही, जिसे वह अब जाकर पूरा कर रहे हैं.

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मुकुंद चारी ने बताया, 'साउथ मुंबई के एक कॉलेज में प्रिंसिपल ने जैसे यह बात मुझे बताई मुझे लगा मैं अपना सपना पूरा नहीं कर पाउंगा, क्योंकि मैंने अपनी स्कूलिंग मराठी मीडियम में की थी'. मुकुंद चारी 72 साल की उम्र में अपने मास्टर्स डिग्री तक के सपने को पूरा करने के लिए स्कूल पहुंच गए हैं. इंग्लिश में लगभग कोरे मुकुंद चारी नए स्कूल में अपने साथ के स्टूडेंट्स के साथ सिर्फ इंग्लिश बोलने के नियम से भी बंधे हैं और फिलहाल अपने नए दोस्तों के साथ इंग्लिश बोलने की प्रैक्टिस भी कर रहे हैं.