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भीलवाड़ा: अंधविश्वास के चलते परिजनों ने मासूम को गर्म सलाखों से दागा, हालग गंभीर

माण्डल तहसील के माली खेड़ा गांव की एक 6 महीने की मासूम बच्ची अन्नू भील को कुछ दिन पहले पेट दर्द की तकलीफ हुई और हल्का बुखार होने लगा.

भीलवाड़ा: अंधविश्वास के चलते परिजनों ने मासूम को गर्म सलाखों से दागा, हालग गंभीर

दिलशाद खान, भीलवाड़ा: ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता अभियान चलाने के दावे करती है, लेकिन इन दावों की क्या हकीकत है, यह भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में सामने आया. जब अपनी ही 6 माह की मासूम बच्ची को परिजनों ने अपने हाथों से गर्म लोहे की सलाखों से दाग दिया और अंधविश्वास के सहारे तड़पता छोड़ दिया लेकिन जब बच्ची की हालत और ज्यादा बिगड़ी तब उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया. जहां बच्ची अब भी जिन्दगी और मौत से जूझ रही है.  

माण्डल तहसील के माली खेड़ा गांव की एक 6 महीने की मासूम बच्ची अन्नू भील को कुछ दिन पहले पेट दर्द की तकलीफ हुई और हल्का बुखार होने लगा. परिजनों ने लाम्बिया में भोपे की मदद से अन्नू को गर्म लोहे की सलाखों से दाग लगवा दिया और स्वस्थ होने की उम्मीद लगाते हुए उसे तड़पता छोड़ दिया. अंधविश्वासी परिजनों की इस करतूत के बाद भी जब बच्ची की हालत नहीं सुधरी तो उसे गम्भीर हालत में भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया. 

जहां बच्ची की हालत गम्भीर बताई जा रही है. अंधविश्वास की भेंट चढ़ी अन्नू की माता आशा ने बताया कि कुछ दिनों से बच्ची को पेट दर्द की परेशानी हुई तो ग्रामीणों ने बच्ची के पेट पर लोहे की गर्म सलाखों से दाव लगाने की सलाह दी. भोपे के जरिए दाग लगाया गया जिससे बच्ची की हालत और बिगड़ गई और उसे गम्भीर हालत में जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है.