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अनूपगढ़ रेलवे स्टेशन के विकास के लिए प्रतिनिधिमंडल ने DRM से की मुकालात, रखी मांग

अनूपगढ़ में लंबी दूरी की रेल सेवाओं तथा सुविधाओं की मांग को लेकर एक शिष्टमंडल उत्तर-पश्चिम रेलवे मंडल बीकानेर के डी.आर.एम. संजय श्रीवास्तव से मिला.

अनूपगढ़ रेलवे स्टेशन के विकास के लिए प्रतिनिधिमंडल ने DRM से की मुकालात, रखी मांग
श्रीगंगानगर जिले का अनूपगढ़ रेलवे स्टेशन.

कुलदीप गोयल, श्रीगंगानगर: अनूपगढ़ में लंबी दूरी की रेल सेवाओं तथा सुविधाओं की मांग को लेकर एक शिष्टमंडल उत्तर-पश्चिम रेलवे मंडल बीकानेर के डी.आर.एम. संजय श्रीवास्तव से मिला. इस दौरान उन्हें ज्ञापन देकर विभिन्न मांगों से अवगत करवाया गया. 

इस दौरान अनूपगढ़ रेल संघर्ष समिति के प्रवक्ता ओम चुघ, संरक्षक गंगाबिशन सेतिया ने डी.आर.एम. से वार्ता करते हुए तिलकब्रिज दिल्ली निजामुद्दीन से चलकर हरियाणा के सिरसा तक आने वाली गाड़ी संख्या 14085 को एक नए रैक के साथ वाया बठिंडा-श्रीगंगानगर होते हुए लैप कैनाल वाया अनूपगढ़ तक विस्तारित किया जाने का मुद्दा रखा.

प्रतिनिधिमंडल ने डी.आर.एम. को बताया कि इस गाड़ी का विस्तार अनूपगढ़ तक करने से अनूपगढ़ को श्रीगंगानगर से जोड़ा जा सकेगा. साथ ही अनूपगढ़ से दिल्ली की रात्रिकालीन रेल भी दर्जन भर मंडियों के लोगों को मिल जाएगी. इसके अलावा वार्ता में अनूपगढ़ से वाया सूरतगढ़, हनुमानगढ़, सादुलपुर, रेवाड़ी, दिल्ली तथा हरिद्वार के रास्ते ऋषिकेश तक रात्रिकालीन एक्सप्रैस रेलगाड़ी चलाने की मांग भी की गई.

समिति के अनुसार, इस मामले में डी.आर.एम. को बताया गया कि अनूपगढ़ के रेलवे स्टेशन से जहां घड़साना, रावला तथा खाजूवाला सहित सैंकडों गांवों के लोग सफर करते हैं तो वहीं आसपास के दर्जन भर से अधिक कस्बों की जनता को वर्तमान में दिल्ली एवं हरिद्वार का सीधा साधन उपलब्ध नहीं है. जबकि दोनों स्थानों के लिए एक नई रेल चलाकर जनता को राहत प्रदान की जा सकती है. इस दौरान अनूपगढ़ को श्रीगंगानगर से जोडऩे के लिए 2 किमी रेल लाईन बिछाने का मुद्दा भी अधिकारी के समक्ष रखा गया. जिसमें शिष्टमंडल ने उन्हें बताया कि अगर रेलवे विभाग सरूपसर के पास मात्र 2 किमी का रेलवे बाईपास बनाकर रेल लाईन बिछा दे तो अनूपगढ़ को श्रीगंगानगर से जोड़ा जा सकता है. यह क्षेत्र उत्तर-पश्चिम रेलवे मंडल बीकानेर के अधीन आता है, ऐसे में सिर्फ 2 किमी का रेल टुकड़ा बिछाकर ही जिला मुख्यालय से पंजाब-दिल्ली आदि अन्य शहरों के लिए चलने वाली रेलों से अनूपगढ़ को जोड़ा जा सकता है. इस कार्य पर रेलवे को बड़ा बजट भी नहीं चाहिए तथा बाई पास बनाने से सरूपसर में पावर चेंज वाली समस्या भी खत्म हो जाएगी, जिससे रेलवे को भारी राहत मिलेगी और आय भी प्राप्त होगी. 

इसके अलावा वार्ता में लंबी दूरी की रेल सेवाओं के लिए वांछित लाईन अनूपगढ़ में स्थापित करने की मांग करते हुए बताया कि रेलवे बोर्ड के लिए यह प्रोजेक्ट कोई बड़ा काम नहींहै. इसके बावजूद भी इस प्रोजेक्ट पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. रेलवे बार्ड व सरकार जब चाहे इस प्रोजेक्ट को पूरा कर सकती है. अगर अनूपगढ़ में वाशिंग लाइन बना दी जाए तो रेल सेवाओं के मामले में अनूपगढ़ का नक्शा ही बदल सकता है. यहां पर वाशिंग लाईन के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध है. 

रेल संघर्ष समिति के प्रवक्ता ने डी.आर.एम. को बताया कि अनूपगढ़ में वाशिंग लाइन स्थापित होने से 150 किमी का अतिरिक्त सफर, अतिरिक्त व्यय, अतिरिक्त समय एवं अतिरिक्त डीजल की बचत होगी. वर्तमान में वाशिंग लाईन के अभाव में अनूपगढ़ लम्बी दूरी की गाडिय़ों से पूरी तरह वंचित है. वाशिंग लाईन बनने से अनूपगढ़ को लम्बी दूरी की अनेक गाडिय़ां मिल सकेगी. इस मौके पर तिलकब्रिज से श्रीगंगानगर तक चलने वाली रात्रिकालीन रेलगाड़ी का विस्तार वाया लूप कैनाल के रास्ते अनूपगढ़ तक करने, डेरा ब्यास तथा अमृतसर के लिए रेल चलाने की मांग भी उठाई गई. इस दौरान दिए गए ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया.