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झालावाड़ में भारी बारिश ने मचाई तबाही, लोगों की मदद के लिए आई सेना

सीमावर्ती मध्यप्रदेश में जारी बारिश के चलते काली सिंध नदी जबरदस्त उफान पर है. ऐसे में कालीसिंध बांध के 17 गेट खोलकर 3 लाख 25 हजार क्यूसेक पानी की लगातार निकासी की जा रही है.

झालावाड़ में भारी बारिश ने मचाई तबाही, लोगों की मदद के लिए आई सेना
जिले की परवन ओर आहू नदियां भी उफान पर चल रही है.

महेश परिहार/झालावाड़: राजस्तान में झालावाड़ जिले में भारी बारिश के बाद मचे जल तांडव से हाहाकार मच गया है. हर तरफ तबाही के मंजर दिखाई दे रहे हैं. कहीं दर्जनों पेड़ उखड़ गए तो कई कस्बों की पहली मंजिलें तक पानी में डूब गई है. नागरिकों को जान बचाने के लिए दूसरी मंजिल का सहारा लेना पड़ा. सबसे भयावह तस्वीरें दिखाई दी गंगधार ,उन्हेल, मिश्रौली, और पिडावा क्षेत्र में, जहां सीमावर्ती मध्य प्रदेश से जुड़ने वाले सभी मार्ग बंद हो गए. चोमेला कस्बे में तो दिल्ली मुंबई रेल मार्ग की पटरियों के जलमग्न में होने से रेल यातायात भी प्रभावित हो गया और घंटो तक ट्रेनों को रोकना पड़ा.

सीमावर्ती मध्यप्रदेश में जारी बारिश के चलते काली सिंध नदी जबरदस्त उफान पर है. ऐसे में कालीसिंध बांध के 17 गेट खोलकर 3 लाख 25 हजार क्यूसेक पानी की लगातार निकासी की जा रही है. वहीं क्षेत्र के छापी, भीमसागर तथा राजगढ़ बांध के भी गेट खोले गए. 

 

जिले की परवन ओर आहू नदियां भी उफान पर चल रही है. जिसके चलते अकलेरा बारां, आवर पगारिया, गंगधार आलोट झालावाड़-इंदौर तथा दरा-अरनिया मार्ग भी लगातार अवरुद्ध है. जिसके चलते लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

चंवली बांध से करीब 1 मीटर की चादर चल रही है जिसका पानी समीप के हिम्मतगढ़ गांव में घुस गया और झालावाड़ इंदौर मार्ग को भी अवरुद्ध कर दिया. झालावाड़ शहर के खण्डिया तालाब पर चल रही चादर ने एनएच 52 के मार्ग को अवरुद्ध कर दिया और पुलिया पर करीब 3 फीट पानी भरा हुआ है. दर्जनों गांव टापू में तब्दील हो गए हैं, इस दौरान प्रशासन को सेना बुलाकर उसके मदद लेनी पड़ी.

बाढ़ के हालात में कई लोगों के फंसे होने की भी सूचनाएं मिलती रही. जिन्हें रेस्क्यू ऑपरेशन कर बाहर निकाला गया. झालावाड़ की धनवाड़ा में 15, भीलवाड़ा के आहू नदी से एक दर्जन, कलमंडी के समीप निर्माणाधीन फोरलेन कट जाने से फंसे करीब 2 दर्जन मजदूरों को रेस्क्यू टीमो ने किसी तरह बाहर निकाला.

बहरहाल. जिला कलेक्टर सिद्धार्थ यहां के नेतृत्व में प्रशासन बाढ़ प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं. देश 20 में भी तूफ़ान में फंसे लोगों को निकालने के प्रयासों में जुटी है. हालांकि भारी बारिश और बाढ़ से हुए भारी नुकसान का आकलन तो हालात सुधरने के बाद ही दिखाई देगा.