जेएम बक्शी कंपनी मामला: राहत के लिए आरोपियों की हाईकोर्ट में अपील

कोर्ट में सुनवाई शुरू होनी थी तभी आरोपी के वकील ने कोर्ट को बताया कि वह इस मामले को लेकर हाइकोर्ट गए हुए हैं, जिसके बाद इस मामले में सुनवाई टल गई.

जेएम बक्शी कंपनी मामला: राहत के लिए आरोपियों की हाईकोर्ट में अपील

मुंबई: शिपिंग सर्विसेज कंपनी जेएम बक्शी मामले में नया मोड़ सामने आया है. इस मामले से जुड़े कुछ आरोपियों ने हाईकोर्ट की ओर दौड़ लगाई है. बुधवार को सेशन कोर्ट में स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने जब इस मामले को लेकर सुनवाई होनी थी. इस दौरान आरोपियो के वकील और सीबीआई के वकील विमल सोनी कोर्ट में मौजूद थे. कोर्ट में सुनवाई शुरू होनी थी तभी आरोपी के वकील ने कोर्ट को बताया कि वह इस मामले को लेकर हाइकोर्ट गए हुए हैं, जिसके बाद इस मामले में सुनवाई टल गई. इस पुरे मामले में जब हमने आरोपियों के वकील से बात करनी चाही तो उन्होंने बात करने से इनकार कर दिया.

गौरतलब है कि इससे पहले फरवरी 2009 में सीबीआई ने ऐसी ही एक शिकायत के आधार पर शिपिंग कॉर्पोरेशन और इंडिया के कुछ अधिकारीयों और जेएम बख्शी कंपनी के मालिकों समेत अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी, 420, 465, 467, 468, 471 और प्रिवेंशन ऑफ़ करप्शन एक्ट की धारा 13(2) के साथ 13(1) (डी) के तहत मामला दर्ज किया था. 

इस मामले में साल 2010 में जांच एजेंसी सीबीआई ने शिपिंग कॉर्पोरेशन के अधिकारी - डी.पी. रेवावाला, एन.आर. सरैया, वैशाली लाडी, हरिप्रकाश कामथ समेत जे.एम. बख्शी कंपनी और उसके पार्टनर कृष्णा कोटक के खिलाफ मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत में चार्जशीट दायर की थी. विशेष सीबीआई अदालत जेएम बख्शी के कृष्णा कोटक समेत अन्य आरोपियों की डिस्चार्ज एप्लीकेशन खारिज कर चुकी है जबकि सिर्फ सरैया और लाडी को मुंबई हाईकोर्ट ने आरोपों से बरी किया है.