close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

नवीन पटनायक बोले- बार-बार चुनाव से विकास के माहौल को पहुंचता है नुकसान

नवीन पटनायक ने कहा, ‘बार-बार चुनाव से विकास के माहौल को नुकसान पहुंचता है और प्राय: संघीय सहयोग की भावना प्रभावित होती है. देश में साथ-साथ चुनाव होना बेहतर होगा.’

नवीन पटनायक बोले- बार-बार चुनाव से विकास के माहौल को पहुंचता है नुकसान
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने देश में एक ही साथ चुनाव कराने की वकालत करते हुए कहा कि बार-बार चुनाव से ‘विकास के माहौल को नुकसान’ पहुंचता है. नीति आयोग की संचालन परिषद के बैठक में पटनायक ने कहा कि भारत जैसे बड़े देश का ध्यान कृषि क्षेत्र केंद्रित होना चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘बार-बार चुनाव से विकास के माहौल को नुकसान पहुंचता है और प्राय: संघीय सहयोग की भावना प्रभावित होती है. देश में साथ-साथ चुनाव होना बेहतर होगा.’

मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबी से ग्रस्त ओडिशा ऐसे राज्य के रूप में उभर कर सामने आया है जहां गरीबी की दर में एक दशक में खासी गिरावट दर्ज की गई है. उन्होंने फोनी चक्रवात से प्रभावित ओडिशा के पुनर्निर्माण और विकास के लिए नीति आयोग और केंद्र सरकार से सहयोग की मांग की.

पटनायक ने नीति आयोग की बैठक में विशेष दर्जे का मुद्दा उठाया
वहीं नवीन पटनायक ने शनिवार को नीति आयोग के समक्ष विशेष राज्य के दर्जे का मुद्दा उठाया. चार दिन पहले भी पटनायक राज्य में प्राकृतिक आपदाओं की आशंकाओं को देखते हुए ओडिशा के लिए ‘विशेष महत्त्व वाले' राज्य के दर्जे की मांग की थी .

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नयी दिल्ली में नीति आयोग संचालन परिषद की पांचवी बैठक को संबोधित करते हुए पटनायक ने मांग की कि ओडिशा को विशेष राज्य का दर्जा दने के लिए प्राकृतिक आपदा को एक मापदंड के तौर पर शामिल किया जाना चाहिए. 

मुख्यमंत्री ने कहा, 'एक अंतरिम उपाय के तौर पर भीषण प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित राज्यों को विशेष महत्त्व वाले राज्यों के तौर पर घोषित किया जाना चाहिए और कुछ खास अवधि के लिए विशेष दर्जे वाले राज्य के लाभ दिए जाने चाहिए.' पटनायक ने 11 जून को मोदी के साथ हुई मुलाकात के दौरान भी यही मांग दोहराई थी.

पटनायक ने 14 जिलों को प्रभावित करने वाले फोनी तूफान का हवाला दिया जिसमें 64 लोगों की मौत हो गई और कुल 9,336.26 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था.