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कोटा में छाया मौसमी बीमारियों का कहर, बढ़ी डेंगू के मरीजों की संख्या

चिकित्सा विभाग के तमाम प्रयास के बाद भी मौसमी बीमारियों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. हालात यह है कि अस्पतालों में मरीजो की लंबी लंबी कतारें लग रही है.

कोटा में छाया मौसमी बीमारियों का कहर, बढ़ी डेंगू के मरीजों की संख्या
इन दिनों ओपीडी का आंकड़ा 3 हजार के करीब पहुंच चुका है.

कोटा: राजस्थान के कोटा में मौसमी बीमारियों का कहर बढ़ता जा रहा है. बारिश के बाद शहर के इलाकों में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. इसी कड़ी में कोटा में एक बार फिर डेंगू के 7 रोगी पॉजिटिव मिले है, जबकि 3 मरीज को जाच में स्क्रब टाइफस की पुष्टि हुई है. 

चिकित्सा विभाग के तमाम प्रयास के बाद भी मौसमी बीमारियों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. हालात यह है कि अस्पतालों में मरीजो की लंबी लंबी कतारें लग रही है. बात करें एमबीएस की तो एमबीएस में आमतौर पर 15 सौ से 18 सौ की ओपीडी रहती है. लेकिन इन दिनों ओपीडी का आंकड़ा 3 हजार के करीब पहुंच चुका है. 

वहीं, नए अस्पताल में 3500 से करीब ओपीडी दर्ज की जा रही है. इधर चिकित्सा एंव स्वास्थ विभाग ,मौसमी बीमारियों की रोकथाम को घर घर सर्वे का दावा के रहा है. उसके बाद भी महावीर नगर थर्ड व आंवली रोझड़ी व लुहावद में एक-एक स्क्रब टाइफस का रोगी मिला है. वही ड़ेंगू के डीसीएम में 2, भीमगंजमंडी, दादाबाड़ी नयागांव, कैथून, दीगोद में एक -एक मरीज मिला है.

बता दें कि, बारिश के दौरान आस-पास के कई इलाकों से बहकर आई गंदगी व कचरे नदी में लम्बे समय से जमा हो जाती है. जिसके कारण पानी में मच्छरों के लाखों लार्वा विकसित होने की संभावना होती है. यही कारण है कि मौसमी बीमारियां कई इलाकों में फैलने लगती हैं.

वहीं, स्वाइन फ्लू हो या डेगूं, कमोबेश हर बीमारी में जयपुर पहले पायदान पर है. पिछले सालों के आंकड़ों की बात करें तो राजस्थान को मौसमी बीमारियों ने पूरे 12 महीने अपनी जद में लिया था. फिर चाहे स्वाइन फ़्लू हो या डेंगू, हर बीमारी मौत के रूप में कहर बरपा रही है.

गौरतलब है कि अकेले स्वाइन फ्लू ने इस साल में 208 जानें ली है, जो अपने आप में चिंता का विषय है. इसके साथ ही कांगो पॉजिटिव दो मरीजों की मौत ने एक बार फिर चिकित्सा विभाग को चिंता में डाल दिया है. एसएमएस ओपीडी में मरीजों की भीड़ को देखा जा सकता है.