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राजस्थान: लोगों को नहीं लगाने होंगे तहसील के चक्कर, ऑनलाइन मिलेगी जमीन संबंधी जानकारी

जिला प्रशासन इसी महीने तहसील को ''धरा एप'' से जोड़ने जा रहा है. इसी महीने से लोगों को ऑनलाइन सुविधा भी मिलने लगेगी.

राजस्थान: लोगों को नहीं लगाने होंगे तहसील के चक्कर, ऑनलाइन मिलेगी जमीन संबंधी जानकारी
तहसील के रिकॉर्ड ऑनलाइन होने से सभी को इसका फायदा मिलेगा.

जयपुर: अब जयपुर के लोगों को जमीन संबंधी दस्तावेजों के लिए कलक्ट्रेट स्थित तहसील कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे क्योंकि तहसील संबंधी पूरा रिकॉर्ड अब जनता के लिए ऑनलाइन उपलब्ध होगा. जयपुर तहसील को ऑनलाइन करने का काम लगभग पूरा हो चुका है. नागपुर में जयपुर के डिजिटल नक्शे तैयार किए जा रहे हैं. 

जिला प्रशासन इसी महीने तहसील को ''धरा एप'' से जोड़ने जा रहा है. इसी महीने से लोगों को ऑनलाइन सुविधा भी मिलने लगेगी. जिससे लोगों को भूमि जमाबंदी, नक्शे, खसरा नम्बर, खेतों की रास्तों से दूरी, ऐतिहासिक दस्तावेज, लोकेशन, राजस्व अधिकारी की सूचना, आधारलिंक, नामांतरण संबंधी जानकारी ऑनलाइन मिल सकेंगी. तहसील में हर महीने इन कामों के लिए करीब 25 हजार लोग चक्कर काटने को मजबूर होते हैं. 

तहसील के रिकॉर्ड ऑनलाइन होने से सभी को इसका फायदा मिलेगा. वहीं कलक्ट्रेट में आवाजाही भी कम होगी. राजस्व विभाग ने 2013 में डिजिटल इंडिया के तहत जिले में भूमि खातेदार का सारा रिकॉर्ड ऑनलाइन करने की योजना शुरू की थी. पांच साल तक यह योजना धीमी गति से चली. अभी तक जिले की सिर्फ चौमूं तहसील ही ऑनलाइन हो पाई है. 

तहसीलदार अस्मिता सिंह ने बताया कि लोगों को तहसील का 50 साल पुराना रिकॉर्ड ऑनलाइन ही मिल सकेगा. डिजिटलाइजेशन से नक्शे को कहीं से भी देखा और हासिल किया जा सकेगा. साथ ही एप को लैंड रिकॉर्ड के डाटा से जोड़ा जाएगा. जिससे भूमि विवाद के मामले भी कम होंगे. यही नहीं नक्शे से भूमि की प्रकृति, चक भूमि, मंदिर, कुआं, रेल लाइन, विद्युत लाइन आदि को पहचाना भी जा सकेगा.